अम्बेडकरनगर चुनावी सरगर्मी : कई बाहरी दोवदारों के चुनावी ताल ठोंकने से स्थानीय दावेदार बेचैन

अम्बेडकरनगर चुनावी सरगर्मी : कई बाहरी दोवदारों के चुनावी ताल ठोंकने से स्थानीय दावेदार बेचैन


अम्बेडकरनगर।
विधानसभा चुनाव-2022 में अम्बेडकरनगर की विधानसभा सीटों से कई बाहरी दावेदार भी ताल ठोकने को तैयार हैं। इनमें ऐसे दावेदार भी शामिल हैं, जो यूं तो रहने वाले मूल रूप से जिले के ही हैं, लेकिन दशकों से वे गैर जनपदों में ही रह रहे हैं। बाहरी उम्मीदवारों की धमक ने तमाम स्थानीय दावेदारों की बेचैनी बढ़ा दी है। हालांकि अभी तक किसी बाहरी दावेदार का टिकट पक्का नहीं है, लेकिन उनकी मौजूदगी से चुनावी जंग दिलचस्प होती दिख रही है।

विधानसभा चुनाव में जिले की सभी पांच सीटों पर छठे चरण में तीन मार्च को मतदान होना है। इसे देखते हुए अभी कई दलों के प्रत्याशियों की घोषणा होने में वक्त है। सिर्फ बहुजन समाज पार्टी ने सभी पांच सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर रखी है, तो वहीं कांग्रेस पार्टी ने सिर्फ अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र की सीट पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रियंका जायसवाल को टिकट थमाया है। ऐसे में कांग्रेस समेत सपा व बसपा में टिकट हासिल करने के लिए दावेदारों के बीच होड़ मची हुई है। एक तरफ जहां स्थानीय दावेदार टिकट की दौड़ में लगे हुए हैं, वहीं कई बाहरी दावेदार भी धमक पड़े हैं।इनमें निषाद पार्टी की तरफ से कटेहरी सीट के लिए लखनऊ का एक बिल्डर ताल ठोक रहा है। आजमगढ़ जनपद का यह मूल निवासी बिल्डर काफी साधन संपन्न है। बीते दिनों ही उसने कई वाहनों के काफिले के साथ कटेहरी पहुंचकर अपनी दावेदारी को सबसे मजबूत प्रदर्शित करने की कोशिश की थी। इस बिल्डर की दखल के बाद कटेहरी की राजनीति में नए सिरे से हड़कंप मचा हुआ है। आजमगढ़ निवासी कई विद्यालयों के प्रबंधक ने जलालपुर सीट पर भाजपा से अपनी दावेदारी ठोक दी है।

आलापुर तहसील क्षेत्र के मूल निवासी यह दावेदार लंबे समय से आजमगढ़ में ही रह रहे हैं। वहीं पर ही कई विद्यालयों व नर्सिंग कॉलेज आदि का संचालन किया जाता है। बीते दिनों उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के समक्ष पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। आर्थिक तौर पर काफी संपन्न माने जाने वाले इस दावेदार के सामने आने से अन्य दावेदारों की धड़कनें बढ़ गई हैं।

इसी तरह अकबरपुर विधानसभा सीट पर भाजपा की तरफ से तमाम स्थानीय दावेदारों के लचर प्रदर्शन को देखते हुए यहां से एक बाहरी नेता को चुनाव लड़ाने के संकेत मिल रहे हैं। माना जा रहा है कि इस सीट पर बाहरी नेता को लड़ाने के साथ ही सभी पांच सीटों को देखते हुए जातीय समीकरण भी इसी सीट के माध्यम से एडजस्ट किया जाएगा। यूं तो बसपा ने अपनी सभी सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं, लेकिन टांडा सीट पर एक बाहरी प्रत्याशी की नजर टिकी हुई है।

कानपुर में निजी अस्पताल का संचालन करने वाले एक चिकित्सक के लिए पैरवी की जा रही है। हालांकि बसपा ने साफ कर दिया है कि टिकटों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन नामांकन से पहले तक की कोशिशों को सार्थक बनाने में पैरोकार जुटे हुए हैं। कुछ अन्य बाहरी दावेदारों के भी आवेदन की चर्चा है, लेकिन वे अभी तक क्षेत्र में नहीं पहुंच पाए हैं। बताया जाता है कि कई बाहरी दावेदार अलग-अलग पार्टियों में राज्य मुख्यालय पर ही जरूरी पैरवी में जुटे हुए हैं।पहले भी लड़ चुके हैं तमाम बाहरी प्रत्याशी

अम्बेडकरनगर जिले में पहले भी तमाम बाहरी प्रत्याशी विधानसभा व लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। इनमें पूर्व राज्यपाल माताप्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, भाजपा के फायर ब्रांड नेता रहे विनय कटियार, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजबहादुर, दस्यु सुंदरी फूलन देवी के पति उम्मेद निषाद, प्रदेश के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा शामिल हैं। कटेहरी से विधायक चुने जा चुके सपा नेता शंखलाल माझी मूलरूप से संतकबीरनगर जिले के निवासी हैं। उन्हें भी गैर जनपद से लाकर यहां चुनाव लड़ाया गया, लेकिन वे दशकों से अब इसी जिले से ही सक्रिय राजनीति कर रहे हैं।

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