वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से बाल अधिकार विषय पर आनलाइन विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन

वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से बाल अधिकार विषय पर आनलाइन विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन


अम्बेडकरनगर।
उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लान ऑफ एक्शन 2021-22 के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर पद्मनारायण मिश्र के निर्देशानुसार 7 जनवरी 2022 को राजकीय सम्प्रेक्षण गृह, (किशोर) अयोध्या में बाल अधिकार विषय पर वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से सुश्री प्रियंका सिंह, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा आनलाइन विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए जारी दिशा-निर्देशों के अन्तर्गत किया गया। इस आनलाइन विधिक साक्षरता शिविर में। इस आनलाईन विधिक साक्षरता शिविर में श्री के0बी0 मिश्र, अधीक्षक, राजकीय सम्प्रेक्षण गृह, (किशोर)अयोध्या द्वारा प्रतिभाग किया गया।

इस आनलाईन विधिक साक्षरता शिविर को सम्बोधित करते हुये सुश्री प्रियंका सिंह, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर ने बताया कि कि बच्चों के अधिकारों को बाल अधिकार कहते हैं। बच्चों को जीवन जाने का अधिकार, विकास का अधिकार तथा शिक्षा का अधिकार आदि हैं। सभ्य समाज के लोग बाल श्रम एवं बच्चों के अंगों का व्यापारकरवाने हेतु बच्चों की तस्करी जैसा जघन्य पाप करते हैंजो मानव समाज के लिये बहुत बड़ा अभिशाप है। इस अभिशाप को हम और आप मिलकर रोक सकते हैं। इसे रोकने के लिये पुलिस द्वारा उत्तर प्रदेश में प्रत्येक जिले में बाल गुमशुदा केन्द्र (चाइल्ड मिसिंग सेल) की स्थापना की गयी है जो कि अपना कार्य काफीमुस्तैदी के साथ कर रहा है। बच्चों के लिये सरकार द्वारा बहुतसी योजनायेंचलायी जा रही हैं। उन्होंनेबताया कि 6 साल से 14 साल के उम्र के बच्चों के लिये शिक्षा का अधिकार है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा पाने का अधिकार है। 

उन्होंने इस दलील को भी खारिज कर दिया कि बच्चा कमायेगा नहीं तो अपना और अपने परिवार का पेट कैसे भरेगा। उन्होंनेबताया कि गरीब एवं मजदूर लोगों हेतु सरकार द्वारा बहुतही कम कीमत पर गेहूं एवं चावल उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने लोगों को सम्बोधित करते हुए बताया कि बच्चों से श्रम न करवाकर उन्हें स्कूलभेजनाचाहिये। मानव अंगों के व्यापार के लिये बच्चों की तस्करी की जाती है उन्होंनेबताया कि यदि किसी का बच्चा घर से गायब हो गया और बलाश करने पर नहीं मिला तो उसेतत्काल सम्बन्धित थाने पर सूचना देनी चाहिये। उन्होने बताया कि बच्चों को किसी विषम परिस्थिति से बचने के लिये शासन द्वारा चलाये जा रहे नम्बर 1098 और लड़कियों के लिये 181 के बारे में बताया।बाल श्रम एवं उनके साथ घृणितमकृत्य के लिये नाजायजपैसे के लालच में दलाल बच्चों की तस्करी करके उन्हें विदेशभेजतेहैं उन्हें बंधुआ मजदूर बनाते हैं। 

इसके अतिरिक्त न्यायमूर्ति श्रीमती सुनीता अग्रवाल, माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद की अध्यक्षता में गठित Hon'ble Committee for "Sensitization for Family Court Mattersds द्वारा वैवाहिक विवादों के समाधान के लिये दिनांक 22.01.2022 को आयोजित होने Pre-Litigation Special Lok Adalat for Matrimonial Disputesesa में वादी एवं विपक्षी के मध्यसुलहवार्ता हेतु दिनांक 08.01.2022 की तिथि नियत की गई है जिसका आयोजन समय 11:00 बजे से पुरानी कचेहरी परिसर स्थित पारिवारिक न्यायालय में किया जायेगा।

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