पाक-समर्थित कबाइली हमले के समय श्रीनगर-कश्मीर के हवाई अड्डे के बचाव में 3 नवम्बर 1949 को अपने साहसिक कार्यों के लिए मेजर सोमनाथ शर्मा को मरणोपरांत परम-वीर-चक्र से सम्मानित किया गया।
इस ‘शौर्य-सम्मान’ की स्थापना पहली बार हई थी और यह सम्मान मेजर सोमनाथ शर्मा को उनकी बहादुरी, कर्तव्य-निष्ठा और साहसिक अभियान के लिए प्रदान किया गया था।
अगर मेजर सोमनाथ शर्मा और उनकी सैन्य टुकड़ी ने अपनी जान पर खेलकर बडगाम स्थित श्रीनगर की हवाई-पट्टी की रक्षा न की होती तो कश्मीर के हाथ से चले जाने में देर न लगती।
डॉ० शिबन कृष्ण रैणा