सपा के अजीमुलहक पहलवान की मृत्यु हो चुकी है। उनके पुत्र मुसाब क्षेत्र में जनसंपर्क कर पिता के समर्थकों को संजोने में लगे रहे। प्रत्याशी होने की दौड़ में कई छोटे-बड़े कार्यकर्ता लगे थे, इसी बीच सपा ने अकबरपुर के विधायक रहे पूर्व मंत्री राममूर्ति को प्रत्याशी बना दिया। इस एलान से मुस्लिम मतदाताओं में भूचाल आ गया। विरोध के स्वर इतने तीव्र रहे कि पार्टी का झंडा जला डाला। अखिलेश मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। सपा की इस चाल के उलट बसपा ने मनोज वर्मा को विधानसभा प्रभारी/प्रत्याशी पद से हटाकर सपा छोड़कर बसपा में आए नगर पंचायत किछौछा की अध्यक्ष शबाना को प्रत्याशी बना नई चाल चल दी।
गत चुनाव में जीत दर्ज कराने वाली भाजपा सपा-बसपा की हर चाल पर निगाह बनाए है।सपा-बसपा से राजनीति के शतरंज की बिसात पर चालें तो चली जा रही हैं, लेकिन प्रत्याशियों की आधिकारिक घोषणा किसी दल ने नहीं की है। चर्चा यह भी है कि यदि सपा ने गुणा-भाग कर प्रत्याशी बदला तो इसकी काट में बसपा मनोज वर्मा को फिर विधानसभा क्षेत्र प्रभारी/प्रत्याशी बना सकती है। सपा-बसपा पर नजर रखे भाजपा भी आज प्रत्याशी का एलान कर सकती है।