बताते चलें कि टांडा नगर पालिका में तैनात अवर अभियंता (जे.ई) सिविल नीतू कुमारी का स्थानांतरण नगर पालिका रुदौली जनपद अयोध्या के लिए गत वर्ष 15 जुलाई को किया गया था लेकिन तबादला सत्र ना होने के कारण न्यायालय के निर्देश पर अगले सत्र तक तबादला पर रोक लगा दिया गया था। जारी स्थानांतरण सत्र के दौरान नगर निकाय के निदेशक के निर्देश पर अवर अभियंता नीतू को टांडा नगर पालिका से कार्यमुक्त कर दिया गया। कार्यमुक्त के उपरांत भी नीतू ने अस्वस्थ होने के कारण अपना सरकारी आवास नहीं छोड़ा था।
उक्त तबादला व कार्यमुक्त आदेश को नीतू कुमारी ने शासन में चैलेंज करते हुए बताया कि उनके पति नागेंद्र कुमार भी जनपद की नगर पालिका अकबरपुर में अवर अभियंता के पद पर कार्यरत हैं तथा वो स्वयं गर्भवती हैं जिनका इलाज़ जनपद में ही कुशल डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा है।
नीतू के दावे के बाद शासन के विशेष सचिव अमित सिंह बंसल ने नगर निकाय की निदेशक को आदेशित करते हुए तत्काल प्रभाव से नीतू कुमारी का तबादला रोक दिया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के वार्षिक स्थानांतरण नीति वर्ष 2022-23 के प्रस्तर 5 (iv) में दी गई व्यवस्था के अनुसार यदि पति पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हैं तो यथासम्भव एक ही जनपद में तैनात रहे अथवा स्थानांतरण हो । प्रस्तर- 5 (iii) में दी गई व्यवस्था के अनुसार व्यक्तिगत अथवा चिकित्सा सम्बन्धित प्रकरण हो तो तबादला नहीं किया जा सकता है।
बताते चलें कि टांडा में तैनात अवर अभियंता (सिविल) श्रीमती नीतू कुमारी पर स्थानीय सभासद पति दीपक केडिया द्वारा 50 लाख रुपये से अधिक सरकार धन की बंदरबांट करने का गंभीर आरोप भी लगाया गया है तथा श्रीमती नीतू कुमारी व नगर पालिका के ठेकेदारों के बीच भी तनातनी रहती है जिसके कारण नगर क्षेत्र में निर्माण कार्य भी बाधित चल रहा है।
बहरहाल टांडा नगर पालिका में तैनात अवर अभियंता (जे.ई) नीतू कुमारी का रुदौली तबादला होने के कारण टांडा से कार्यमुक्त कर दिया गया था लेकिन उक्त आदेश पर शासन स्तर से रोक लगा दी गई है।
