रिजल्ट से पहले सीबीएसई के छात्र क्यों कर रहे न्याय की मांग?

रिजल्ट से पहले सीबीएसई के छात्र क्यों कर रहे न्याय की मांग?

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का रिजल्ट कभी भी आ सकता है। इस बीच, 10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले छात्रों ने सोशल मीडिया पर #JusticeForCBSEstudents2022 कैंपेन चला रहे हैं। इसके अलावा छात्रों ने ऑनलाइन याचिका भी दायर की है। 

दरअसल छात्र रिजल्ट बनाने की प्रक्रिया में बदलाव चाहते हैं। छात्रों की मांग है कि दोनों टर्म में बेहतर स्कोर के आधार पर रिजल्ट बनाया जाए। आसान शब्दों में समझें तो 10वीं और 12वीं के छात्रों की दो टर्म में परीक्षा हुई है। टर्म-1 और टर्म-2। 

छात्रों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते पिछले दो साल से ज्यादातर ऑनलाइन क्लासेज ही चले हैं। ऐसे में पढ़ाई ठीक नहीं हो पाई है। कोरोना के चलते काफी व्यवस्था भी खराब हुई है। ऐसे में रिजल्ट बनाते समय इन बातों का ख्याल रखा जाए और दोनों टर्म में अलग-अलग विषयों के जो अच्छे मार्क्स हों, उन्हें ही रिजल्ट में शामिल किया जाए।   'सीबीएसई स्टूडेंट्स ने टर्म- 1 और टर्म-2 के रूप में दो बार एग्जाम दिया है। ये दोनों ही अलग-अलग तरीके से हुए हैं। टर्म- 1 जहां ऑब्जेक्टिव बेस्ड (Objective Based) था। वहीं, टर्म-2 सब्जेक्टिव (Subjective) था।' 

'अब इवैल्यूएशन के दौरान भी छात्रों का हित देखा जाना चाहिए। कोरोना के चलते स्थितियां पहले के मुकाबले काफी खराब हुईं हैं। ऐसे में 'बेस्ट ऑफ आइदर टर्म्स' के हिसाब से इवैल्यूएशन होना चाहिए। मतलब छात्रों को वेटेज में वो मार्क्स दिए जाएं जो किसी एक टर्म में ज्यादा हो। उदाहरण के लिए अगर इंग्लिश में टर्म- 1 में 35 मार्क्स आए हैं और टर्म- 2 में 20 आए हैं। तो परसेंटेज में वेटेज के लिए टर्म- 1 का नंबर ही एड किया जाए। इसी तरह, अगर मैथ्स में टर्म- 2 में ज्यादा मार्क्स मिले हैं तो उसे लें।' 

छात्र कहते हैं कोरोना के चलते पिछले दो सालों से स्थितियां खराब हैं। ज्यादातर पढ़ाई ऑनलाइन हुई। क्लासेज अच्छे से नहीं चले हैं। पहली बार ऑनलाइन क्लास होने के चलते छात्र भी ज्यादा समझ नहीं पाए। ऐसे में बोर्ड को इन तमाम समस्याओं को देखना चाहिए।  पिछले दो सालों में हम लोगों ने काफी तकलीफें झेली हैं। हमारा बैच एक्सपेरिमेंटल बैच साबित हुआ है। इसलिए बोर्ड को हमारी मदद करनी चाहिए।  टर्म-1 और टर्म-2 के बीच ज्यादा समय नहीं मिला। इससे भी ज्यादातर छात्र परेशान रहे हैं।

बोर्ड ने अभी इसके लिए कोई स्पष्ट मूल्यांकन पद्धति के बारे में जानकारी नहीं दी है। हालांकि, पिछले साल परीक्षा के नए पैटर्न का एलान करते हुए बोर्ड ने जरूर मूल्यांकन को लेकर भी बात कही थी। जिसके अनुसार, टर्म-1, टर्म-2 और आंतरिक मूल्यांकन के कुल मार्क्स का पहले एवरेज निकाला जाएगा। इसी एवरेज मार्क्स के आधार पर छात्र का रिजल्ट तैयार होगा। 

सीबीएसई के रीजनल ऑफिसर कहते हैं, 'अभी तक बोर्ड ने ऑफिशियली इवैल्यूएशन को लेकर कोई पॉलिसी जारी नहीं की है। हालांकि ये तय है कि रिजल्ट दोनों टर्म के मार्क्स के आधार पर ही तैयार किए जाएंगे। बोर्ड की बैठक होगी, जिसके बाद रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया को भी जारी कर दिया जाएगा। तभी ये भी तय होगा कि कब तक रिजल्ट हा सकता है? अभी रिजल्ट जारी करने की कोई तारीख तय नहीं है।' 


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