ऐसा करके पांच हजार के जुर्माने से बचें: संभागीय निरीक्षक(प्राविधिक)
जानें क्या है एचएसआरपी,इसे वाहनों में लगाना क्यों है जरुरी...
रिपोर्ट:- सत्यम सिंह
अंबेडकरनगर। एचएसआरपी यानि हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट सभी ऑटो वाहनों में लगाना अनिवार्य है। ऐसा आदेश मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट और हाइवेज की तरफ से निर्देश जारी कर पिछले साल ही दिया जा चुका है। जिन वाहनों में एचएसआरपी नहीं लगी हुई हैए दिल्ली में उनके चालान भी कटने लगे हैं। नियमों का पालन नहीं करने वालों से पांच हजार रुपए जुर्माना वसूला जा रहा है। हमारी तरफ से एचएसआरपी की जानकारी के बाबत प्रचार और प्रसार कराया जा चुका है और बीच-बीच में प्रेस मीडिया के माध्यम से हम एचएसआरपी के बारे में लोगों को बताते रहते हैं। उक्त बातें अंबेडकरनगर केे परिवहन महकमे के संभागीय निरीक्षक(प्राविधिक) विपिन कुमार ने कहीं।
आर0आई0 श्री कुमार ने रेनबोन्यूज से एचएसआरपी के बारे में एक बार फिर से सर्वसाधारण की जानकारी के लिए विस्तार से बताया। आर0आई0 कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सबसे पहले हम एचएसआरपी के बारे में बताना चाहंेगें। यह यानि एचएसआरपी एल्युमीनियम की बनीं हुई एक प्लेट है। ये विशेष नंबर प्लेट नॉन-यूजेबल लॉक से ऑटो वाहन के ऊपर लगा दी जाती है। जिसे निकाला नहीं जा सकता। रजिस्ट्रेशन प्लेट के ऊपर बायें कोने पर अशोक चक्र का क्रोमियम आधारित नीले रंग के हॉट स्टैंप होलोग्राम लगा होता है। इसकी साइज 20 20 एमएम होती है। इस प्लेट के निचले बायें कोने में एक दस अंक का लेजर इंग्रेब्ड पिन(स्थायी पहचान संख्या) होता है। इस नंबर प्लेट के कोने राउंड होंगें। एचएसआरपी किसी आम नंबर प्लेट से इजी-एक्सेसएबल है।
आर0आई0 विपिन कुमार ने बताया कि यह खास रजिस्ट्रेशन प्लेट आपके ऑटो वाहनों ज्यादा से ज्यादा सुरक्षित बनाती है। दरअसल, एचएसआरपी को नॉन रिमूवेबल स्नैप-ऑन-लॉक से आपके वाहन पर जाम कर दिया जाता है। जिसकी वजह से इसे बदला नहीं जा सकता है। श्री कुमार ने कहा कि ऐसा आम तौर पर देखा जाता है कि वाहन चोरी की घटनाओं में सबसे पहले नंबर प्लेट बदल दी जाती है। जिसके चलते इसे ट्रैस कर पाना मुश्किल हो जाता है। लेकिन एचएसआरपी के साथ ऐसी कोई समस्या नहीं है।
संभागीय निरीक्षक(प्राविधिक) ने इस संबंध में विस्तृत वार्ता के क्रम में कहा कि एचएसआरपी इसलिए भी फायदेमंद है क्योंकि वाहन के इंजन नंबर और चेसिस नंबर सहित उसकी सभी जरुरी डिटेल्स के केंद्रीकृत डेटाबेस में स्टोर रहती है। अगर वाहन चोरी हो जाता है तो इसे ट्रैस करने के लिए दस अंकों का पिन और स्टोरड डेटा काम आता है। इस तरह, इस विशेष प्लेट लगा हुआ वाहन यदि चोरी हो जाता है तो, उसे आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। साथ ही इसकी एचएसआरपी को रिप्लेस भी नहीं जा सकता है।
आर0आई0 कुमार ने बताया कि इस प्लेट की कीमत देश के राज्यों के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। दोपहिया वाहनों के लिए कीमत 400, वहीं, चार पहिया वाहनों के लिए एचएसआरपी की कीमत 1100 रुपए होती है। वहीं, कलर कोटेड स्टीकर के लिए 100 रुपए कीमत चुकानी पड़ेगी। आर0आई0 द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इसके लिए पोर्टल की शुरुआत की गयी है, जहां से एचएसआरपी हेतु आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन पोर्टल सरकार द्वारा अधिकृत है। विपिन कुमार ने कहा कि दिल्ली और उत्तर प्रदेश में इस विशेष प्लेट को वाहनों में लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। आर0टी0ओ0 के माध्यम से ग्राहक इस प्लेट को प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही, ग्राहक वाहनों की अधिकारिक डीलरशिप से भी एचएसआरपी प्राप्त कर सकते हैं।
आर0आई0 विपिन कुमार ने बताया कि एचएसआरपी के बारे में तीन जनवरी 2022 को आदेश आया था। उत्तर प्रदेश शासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया था कि वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट व कलर कोटेड स्टीकर जरुर लगवाएं। कुमार ने बताया कि 15 फरवरी 2022 से 15 फरवरी 2023 तक सभी वाहनों अंतिम नंबरों के हिसाब से हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसी के साथ, दो और तीन नंबर वाले वाहनों की अंतिम तिथि 15 मई 2023 है। आर0आई0 ने कहा कि वाहन स्वामी/चालक एचएसआरपी लगवा लें, नहीं तो पकड़े जाने पर कम से कम पांच हजार रुपए तुरंत जुर्माना भरना होगा। जिन वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर के अंत में जीरो व एक है, उन्हें छूट नहीं मिलेगी।

