भदोही की ज्ञानपुर सीट से विधायक रहे बाहुबली विजय मिश्रा को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली। विंध्याचल के पंडा से रंगदारी मांगने के मामले में अदालत ने उन्हें साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
भदोही की ज्ञानपुर सीट से विधायक रहे बाहुबली विजय मिश्रा को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली। विंध्याचल के पंडा से रंगदारी मांगने के मामले में अदालत ने उन्हें साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। सजा पर फैसले के लिए आगरा की जेल से विजय मिश्रा एसीजेएम प्रथम अविनाश चंद की कोर्ट ने पेश हुए।
अभियोजन के अनुसार विंध्याचल के तीर्थ पुरोहित अवनीश मिश्रा ने दो वर्ष पूर्व रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए ज्ञानपुर के पूर्व विधायक विजय मिश्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। अवनीश ने आरोप लगाया था कि विजय मिश्र ने 15 लाख रुपये रंगदारी मांगी है।
विंध्याचल कोतवाली ने मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच की थी। मामले की सुनवाई एसीजेएम आनंद उपाध्याय की अदालत में चल रही थी। सोमवार को हुई बहस के बाद एसीजेएम प्रथम ने फैसले को सुरक्षित रख लिया था। साथ ही 11 नवंबर को मुकदमे में फैसले की तिथि तय की थी।
एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में शुक्रवार को पुलिस अभिरक्षा में पूर्व विधायक को कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट में विजय मिश्र के वकील व दूसरे पक्ष के अधिवक्ता ने दलीलें पेश की। सुनवाई के बाद न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में ज्ञानपुर के पूर्व विधायक विजय मिश्र को दोष मुक्त करते हुए बरी कर दिया।
ज्ञानपुर के पूर्व विधायक विजय मिश्र और उनके रिश्तेदारों के खिलाफ शुक्रवार को भदोही पुलिस ने प्रयागराज के मेजा इलाके में गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई की। 22 बीघा से अधिक जमीन कुर्क कर जिला प्रशासन ने कुर्की का बोर्ड लगा दिया। बोर्ड डीएम भदोही की तरफ से लगाया गया है। जमीन की वर्तमान कीमत 1.89 करोड़ बताई जा रही है।
भदोही से आई एसआईटी शुक्रवार दोपहर दो बजे मेजा के तहसीलदार विशाल शर्मा की अगुवाई में मेजा विकास खंड के चांद खम्हरिया पहुंची। पुलिस प्रशासन को देख ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। एसआईटी ने राजस्व विभाग की मदद से पहले ही वहां पर जमीनों की पहचान कर ली थी। इस जमीन पर जिलाधिकारी भदोही के नाम से नोटिस बोर्ड लगा दिया गया। आसपास के लोगों को बताया गया कि इस प्रॉपर्टी को कोई खरीदेगा नहीं। यह संपत्ति अब जब्त कर ली गई है।
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