ऐसे हैं अकबरपुर के बैंकों के मैनेजर और मुलाजिम

ऐसे हैं अकबरपुर के बैंकों के मैनेजर और मुलाजिम


 बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच के मैनेजर का रुतबा ही कुछ और है...



अंबेडकरनगर। बैंकिंग लोकपाल के बारे में लोगों को जागरूक करने के साथ ही बैंक कर्मियों को भी सिखाया जाना चाहिए कि ये लोग ग्राहकों के साथ कैसा व्यवहार करें। अकबरपुर के कई बैंक शाखाओं के प्रबंधकों में व्यवसायिक ज्ञान का अभाव देखा जा सकता है। ये लोग बैंक ग्राहकों और आगंतुकों को बड़ी उपेक्षा की दृष्टि से देखते हैं। सीधे मुंह बात करना इन्हे नहीं आता है।


बैंक ऑफ बड़ौदा अकबरपुर शाखा में तैनात एक गार्ड तो अपनी हरकतों से लोगों को आजिज कर रखा है। अकबरपुर के केनरा बैंक और बैंक ऑफ इंडिया जैसे नामचीन बैंक शाखाओं के प्रबंधक और अन्य कर्मियों की हरकतें भी नागवार ही लगती हैं।


बीते दिनों एक वरिष्ठ पत्रकार ने BOI अकबरपुर के ब्रांच मैनेजर के मोबाइल नम्बर पर व्हाट्सएप मैसेज भेजकर यह जानने का प्रयास किया था कि बैंक शाखा खुली है कि अवकाश है। शाखा प्रबंधक ने रिप्लाई देना गवारा नहीं समझा। 


बैंक ऑफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर (अकबरपुर) के बारे में बताया गया कि वह अकबरपुर के करीबी गांव के रहने वाले हैं, कई युवा पत्रकार उनके मित्र और रिश्तेदार हैं। यही कारण है कि वह लोगों को कम तरजीह देते हैं। इनके बारे में यह भी कहा जाता है कि ये ठाकुर राजपूत जाति के हैं। अच्छे परिवार से ताल्लुक रखते हैं। पढ़े लिखे हैं, इसलिए बैंक की नौकरी कर रहे हैं। ......इन्हे नौकरी करने और बैंक ग्राहकों के नखरे उठाने में अपनी बे इज्जती महसूस होती है। 


क्या इनका तबादला अन्य जिले स्थान के लिए नही हो सकता है ?

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