अम्बेडकरनगर। जिला मुख्यालय शहर अकबरपुर में लगने वाले जाम से निजात दिलाने और भारी वाहनों से हो रही दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन द्वारा नो एंट्री लागू की गई थी। जिसपर नो एंट्री के दौरान कोई भी भारी वाहन को शहर के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाना था। लेकिन आदेश होने के बाद पुलिस द्वारा नो एंट्री का पालन न कराकर भारी वाहनों को प्रवेश दिया जा रहा है।
अंबेडकर नगर जनपद मुख्यालय शहर अकबरपुर में सड़कें लगातार धंस रही हैं और सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो रहे हैं।ऐसी ही स्थिति शहर के कई अन्य मार्गों की है। जबकि चार पहिया वाले वाहनों को छोड़कर बाकी सभी बड़े वाहनों के लिए नो एंट्री काफी पहले से जारी है। इसके बाद भी ट्रक यातायात पुलिस की मिलीभगत से शहर में दोस्तपुर रोड मालीपुर रोड पाहितीपुर रोड और अयोध्या मार्ग होते हुए शहर में रोजाना प्रवेश कर रहे हैं।
प्रतिबंध के बाद भी भारी वाहनों की धड़ल्ले से आवाजाही पर बड़ा सवाल यह है कि आखिर लापरवाही किसकी है और नो एंट्री में भारी वाहनों के प्रवेश का सिलसिला कब थमेगा। लोगों का कहना है कि चंद पैसों की लालच में पुलिस कर्मी भारी वाहनों को बाईपास से शहर के अंदर प्रवेश करने वाले मार्ग की ओर भेज दे रहे हैं।शहर में ट्रकों को नो एंट्री में प्रवेश देने के लिए वसूली का खेल कोई नया नहीं।
हर चौराहे पर पुलिस तैनात रहती है मिली जानकारी के अनुसार जो पीआरडी जवान और होमगार्ड जवान तैनात रहते हैं जो ट्रकों से वसूली करके पुलिस कर्मियों तक पहुंचाता है। नो इंट्री से गुजरने के लिए प्रति ट्रक कम से कम 500 से एक हजार रुपए खर्च करने पड़ते हैं।ट्रैफिक पुलिस भी वहां तैनात रहती है। ऐसे में उनके निर्देश पर ही मोरंग और ट्रांसपोर्ट की ट्रकों को शहर की सड़कों पर प्रवेश कराया जाता है। हाल यह है कि जहां रोजाना जिम्मेदार अधिकारियों की आवाजाही है, शहर में बेखौफ होकर डग्गामार वाहनों का संचालन हो रहा है।
