केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को ऐसे फॉर्मूले की जानकारी दी है जिससे यूपी के लोगों को कम कीमत में एसी बसों में सफर करवाया जा सकता है। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि नितिन गडकरी ने सीएम योगी आदित्यनाथ को क्या जानकारी दी है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को ऐसा फॉर्मूला बताया है, जिससे यूपी के लोग ना सिर्फ कम कीमत में एसी बसों में सफर कर सकते हैं बल्कि सरकार को भी इससे 100-200 करोड़ रुपये का फायदा भी हो सकता है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक कार्यक्रम में सीएम योगी को बताया कि अगर आप उस मॉडल को अपना लेते हैं तो यूपी की जनता एसी बस में सफर कर पाएगी और आप चाहेंगे तो किराए में भी 25 से 30 फीसदी की कमी कर सकते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने बताया कि लंदन ट्रांसपोर्ट एक ऐसा मॉडल है जिसमें कई ऑपरेटर्स सर्विस देते हैं, लेकिन इसमें बस का रंग एक ही होता है। ड्राइवर ऑपरेटर का होता है लेकिन कंडक्टर कॉर्पोरेशन का होता है।
नितिन गडकरी ने कहा कि देश के कई कॉर्पोरेशन घाटे में चल रहे हैं। इसका एक कारण चोरी होना है। डीजल बसों से तेल निकाल लिया जाता है और भी तरह से चोरी होती हैं जिसके कारण घाटा होता है। लेकिन अगर इलेक्ट्रिक बस लाई जाएंगी तो इसकी चोरी नहीं हो पाएगी। साथ ही इस मॉडल में बस में एंट्री सामने से होगी और सामने से ही बस से सवारी उतरेंगी। बस में कैश का सिस्टम नहीं होगा बल्कि इसमें कार्ड का सिस्टम होगा। ड्राइवर के ऊपर कैमरा लगा होगा जिससे कोई भी गड़बड़ होने की संभावना खत्म हो जाएगी। सवारी चढ़ते समय कार्ड दिखाएगी और अंदर जाएगी और बस से उतरते समय भी कार्ड दिखाया जाएगा। कार्ड दिखाने पर सवारी के बैंक अकाउंट से पैसे काट लिए जाएंगे। इस सिस्टम में किसी तरह की चोरी नहीं हो पाएगी।
गडकरी ने बताया कि डीजल बस चलाने से जहां 100 रुपये का पेट्रोल-डीजल लगता है वहां इलेक्ट्रिक बस में 10 रुपये की बिजली लगेगी। भारत सरकार ने एक टेंडर निकाला है जिसमें साढ़े चार हजार बसें शामिल हैं जिसमें नॉन एसी बस के लिए टेंडर 39 रुपये प्रति किलोमीटर आया और एसी बस के लिए टेंडर 41 रुपये प्रति किलोमीटर का आया।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में डेढ़ लाख बसें आनी हैं, जिससे तीन लाख लोगों को ड्राइवर और कंडक्टर के तौर पर रोजगार मिलेगा। बाद में इन एसी बसों को लखनऊ से दिल्ली, लखनऊ से कानपुर के साथ ही कई बड़े शहरों से जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने बसपोर्ट बनाने के लिए यूपी को ऑफर दिया। उन्होंने कहा कि इसमें फायदा होने पर आधा-आधा बांट लिया जाएगा।
