मनमानी पैसा वसूली से मरीज और परिजन हो रहे कंगाल
अंबेडकरनगर। जिले में मुख्यालयी शहर अकबरपुर-शहजादपुर सहित सभी पांचों तहसीलों में अवैध पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटर चल रहें हैं। मीडिया की खबरों के अनुसार, जिले में ऐसे सेंटर्स की संख्या हजार से ऊपर बताई गई है। इनमें से मात्र 120 का पंजीयन हुआ है, शेष अन्य स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार उच्च अधिकारियों के रहमोकरम से फल-फूल रहें हैं। यही नहीं, यह पैथोलॉजी व डायग्नोस्टिक सेंटर मरीजों से जांच के नाम पर मुंह-मांगी रकम वसूल रहें हैं। इस बाबत बताया गया है कि इन सेंटरों के संचालक और विभाग के जिम्मेदारों की सांठ-गांठ है। इससे होने वाली अकूत कमाई का बराबर हिस्सा बांट किया जाता है।
- सत्यम सिंह
बिना रजिस्ट्रेशन के हजारों हास्पिटल, अल्ट्रासाउंड, पैथालाजी सेंटर धड़ल्ले से चल रहे हैं। इनके पास न तो प्रशिक्षित चिकित्सक हैं और न ही स्वास्थ्य कर्मी। फिर भी बुखार से लेकर ऑपरेशन तक का जिम्मा उठाकर मरीजों की जान जोखिम में डालने से नहीं चूकते हैं। ऐसे अस्पताल एवं पैथोलॉजी सेंटर मरीजों से जांच औऱ इलाज के नाम पर मनचाहा पैसे की वसूली करते है। वही स्वास्थ्य विभाग ऐसे अस्पतालों एवं पैथोलॉजी सेंटर पर कार्रवाई करने के बजाय हाथ पर हाथ डालकर बैठा है।
जिले में करीब 120 अस्पताल, पैथोलॉजी एवं डायग्नोस्टिक सेंटर पंजीकृत हैं, लेकिन इसके अलावा गांव से लेकर शहर तक हर गली-गली में अस्पताल, पैथोलॉजी सेंटर व डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित हो रहे हैं। कई ऐसे भी हैं, जो आगे मेडिकल की दुकान चला रहे हैं और पीछे दो कमरों में पूरा नर्सिंग होम संचालित कर रहे हैं। इन अस्पतालों में कोई डिग्री धारक चिकित्सक भी नहीं है, लेकिन हर तरह के मरीजों को भर्ती कर उनका आर्थिक शोषण के अलावा जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इन अस्पतालों पर अक्सर मरीजो की मौत चिकित्सकों की लापरवाही से होने की बात को लेकर विवाद होता है, लेकिन धीरे-धीरे मामला ठंडा हो जाता है।
अकबरपुर जिला मुख्यालय पर हो दर्जनों ऐसे अस्पताल एवं पैथोलॉजी सेंटर है, जो बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे है। इसी तरह जलालपुर बरियावन, जंहागीरगंज, रामनगर, बेवाना, टांडा, बसखारी, आलापुर, कटेहरी, भीटी, महरुआ, इल्तिफ़ातगंज सहित छोटी छोटी बाजारों में अस्पताल एवं पैथालॉजी सेंटर खुले है।
