इनके सहयोगियों में एक सर्वाधिक चर्चित एसीएमओ और विभाग का स्टेनो
बलि के बकरे जैसे हुई युवा स्टेनो की भूमिका
अंबेडकरनगर। जिले के सभी सी एच सी, पी एच सी और उपकेंद्रों पर तैनात डॉक्टरों के साथ पैसों की उगाही से संबंधी अजीब खेल खेला जाता है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार विभागीय प्रमुख द्वारा अनुपस्थित डॉक्टरों से एक मोटी रकम ली जाती है। जो डॉक्टर पैसा देने में विलंब करता है अथवा आनाकानी करता है उसके केंद्र पर सीएमओ द्वारा औचक निरीक्षण कर छापा डाला जाता है। और उगाही के धन की वसूली करने के बाद ही पिंड छोड़ा जाता है।
पैसा दो और निर्भय होकर निजी प्रैक्टिस करो। केंद्रों पर रोज जाने की जरूरत नहीं। सीएमओ द्वारा इस तरह से यहां के सरकारी विभागीय डाक्टरों को अभयदान दिया गया है।
यदि कोई तटस्थ एजेंसी जिले के सीएचसी पीएचसी और सभी उपकेंद्रों की जांच करे तो हकीकत सामने आएगी। इन केंद्रों पर तैनात चिकित्सकों के दर्शन कम ही होंगे।
विभागीय सूत्रों के अनुसार ऐसा सीएमओ अभी तक इस जिले में कोई नहीं आया था।
जिले में पहली बार ऐसा सीएमओ तैनात हुआ है, जो विभाग के हर छोटे बड़े मुलाजिम से अवैध पैसा वसूलता है।
सीएमओ के इस कार्य में एक चर्चित एसीएमओ का भी हाथ होना बताया गया है। यह एसीएमओ निवर्तमान सीएमओ का विरोधी रहा है। अब यह वर्तमान सीएमओ को अपना पूरा समर्थन दे रहा है। इस एसीएमओ को मौजूदा सीएमओ का स्वजातीय बताया गया है।
हालाकि पैसे की वसूली का कार्य स्टेनो द्वारा ही कराया जाता है। इस काम में स्टेनो की अच्छी खासी कमाई होती है।
हेल्थ डिपार्टमेंट के सीएमओ के सहयोगी एक एसीएमओ और सीएमओ का स्टेनो धन कमाने की रणनीति बनाने में माहिर बताए गए हैं।
कई डॉक्टरों ने इस बाबत जानकारी लेने पर बताया कि यह सब विभागीय मामला है। सब चलता है।
ये सरकारी डाक्टर उस तरह के स्वास्थ्य अधिकारी हैं जो स्वास्थ्य केंद्रों पर काम करना अपनी तौहीन समझते हैं। इनके बारे में सूत्रों ने बताया कि ये लोग सीएमओ को मोटी रकम देते हैं और अनुपस्थित रहते हैं। ये सरकारी डॉक्टर निजी अस्पतालो में अपना समय देकर खूब कमाई करते हैं। इस तरह ये सरकारी डाक्टर स्वास्थ्य विभाग से प्रति माह सैलरी भी लेते हैं और निजी प्रैक्टिस करके अकूत पैसा कमा रहे हैं।
कहते है कि डॉक्टरों की धन कमाऊ आदत का भरपूर लाभ उठा कर सीएमओ द्वारा सुविधा शुल्क की मोटी रकम इनसे ली जाती है।
कुल मिलाकर इस समय सीएमओ के सिपाह सालार बने एसीएमओ और उपयुक्त वाहक बना सीएमओ स्टेनो की व्यापक चर्चा हो रही है।
यह आलेख सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ही है। निष्पक्ष जांच पश्चात वास्तविकता सामने आ जाएगी।
