----सत्यम सिंह गर्गवंशी / रेनबो न्यूज नेटवर्क
अम्बेडकरनगर। सुबह-शाम, घर हो या बाहर मच्छरों से लोगों को कहीं भी चैन नहीं है। मच्छरों के प्रकोप से सारे जतन फेल हो रहे हैं। मुख्यालय शहर अकबरपुर शहजादपुर की गलियों में मच्छरों की भरमार है। नगर पालिका प्रशासन भी मुख्य मार्गों पर फागिंग करवा कर कोरम पूरा कर रहा है, ऐसे में नागरिक मच्छरों का प्रकोप झेलने को विवश हैं।
अकबरपुर नगर पालिका द्वारा यहां प्रत्येक सप्ताह में तीन से चार बार फागिंग का दावा किया जाता है। हर वार फागिंग में चार से पांच हजार का खर्च होता है। सूत्र बताते हैं कि नगर पालिका अकबरपुर के 25 वार्डों में पिछले एक वर्ष में फागिंग पर करीब 10 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
यहा के नगर जनों का कहना है कि मुख्य सड़क पर फागिंग कराकर नपा प्रशासन द्वारा अपनी जिम्मेदारियों की इतिश्री कर ली जा रही है। मुहल्लों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों मे फागिंग न होने से स्थिति और खराब हो गई है। हालात यह है कि शाम होते ही मच्छरों का प्रकोप शुरू हो जाता है, इसके चलते लोग विभिन्न रोगों के शिकार हो रहे हैं।
वार्ड 11 उसरहवा के लोग पालिका प्रशासन से मिलने वाली नगरीय सुविधाओं को पाने से वंचित, वार्ड वासी नपा द्वारा की जाने वाली उपेक्षा से क्षुब्ध
वार्ड 11 उसरहवा दलित बस्ती और कॉलोनी की बराबर अनदेखी किए जाने से यहां के वासिंदो में आक्रोश व्याप्त है। इन लोगों ने फॉगिंग कर रहे नपा कर्मियों पर भेदभाव करने का आरोप भी लगाया है।
मच्छरों से बचने के लिए लोग अपने स्तर पर दवा का छिड़काव करने के साथ तरह-तरह के इंतजाम कर रहे हैं, लेकिन उन पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। परेशान लोग नगर पालिका में रोज शिकायतें करते हैं, लेकिन उपाय कुछ नहीं हो रहा है। लोगों का कहना है अगरबत्ती जलाकर रखो, चाहे कोई उपाय कर लो इस पर भी मच्छर पीछा नहीं छोड़ रहे हैं।
पता चला है कि अकबरपुर नपा प्रशासन द्वारा संचारी रोग नियंत्रण माह के तहत वृहद स्तर पर अभियान चलाकर सफाई के साथ ही फागिंग कार्य कराने की योजना तैयार की गई है। कंधे पर लटकाकर फागिंग करने वाली चार नई मशीनों की खरीदारी भी की गई है। यह योजना कब मूर्त रुप लेगी । यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
