प्रशासनिक देरी पर बढ़ी चर्चा
संतुलित जवाबदेही और प्रभार बदलाव की मांग
रेनबोन्यूज नेटवर्क 19 फरवरी 2026

अंबेडकरनगर। अकबरपुर कोतवाली के इंस्पेक्टर श्रीनिवास पांडेय का तबादला आदेश जारी हुए लगभग दो साल हो चुके हैं, लेकिन अभी तक वे अपने पद पर बने हुए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार लंबे समय तक एक अधिकारी का एक पद पर बने रहना सामान्य प्रशासनिक परंपराओं के विपरीत माना जाता है।
स्थानीय स्तर पर इस विषय को लेकर चर्चा चल रही है। कुछ लोग इसे प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी के रूप में देखते हैं, जबकि कुछ इसे शक्ति और नेटवर्क के कारण प्रभार में बदलाव में विलंब मान रहे हैं। हालांकि विभाग ने किसी भी तरह के पक्षपात या विशेष संरक्षण की पुष्टि नहीं की है।
प्रशासनिक परिप्रेक्ष्य और देरी के कारण
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अकबरपुर कोतवाली का प्रभार बदलने में देरी कई कारणों से हो सकती है। इसमें अन्य इंस्पेक्टरों की उपलब्धता, तैनाती की प्राथमिकताएं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी तकनीकी वजहें शामिल हैं। एएसपी हरेंद्र कुमार ने कहा कि यह एक प्रशासनिक मामला है और 'अंडर ट्रांसफर' स्थिति में किसी भी अधिकारी को तैनात किया जा सकता है।
विभाग का कहना है कि प्रभार बदलाव केवल तबादला आदेश जारी करने से नहीं होता। इसके लिए संसाधन, उपयुक्त विकल्प और संबंधित अधिकारी की तैयारी जैसी कई प्रक्रियाओं को पूरा करना आवश्यक है।
स्थानीय प्रतिक्रियाएं और अपेक्षाए
स्थानीय नागरिक और सामाजिक संगठन इस देरी को लेकर संतुलित चिंता व्यक्त कर रहे हैं। उनका तर्क है कि अगर तबादला आदेश पहले ही जारी हो चुका है, तो इसे लागू करने से व्यवस्था में जवाबदेही और संतुलन बना रहेगा।
कुछ नागरिकों का कहना है कि लंबे समय तक एक ही अधिकारी का प्रभार बने रहना सामान्य प्रशासनिक व्यवहार के अनुरूप नहीं है। वहीं, अन्य लोग इसे केवल प्रशासनिक प्रक्रिया की देरी के रूप में देखते हैं और किसी भी प्रकार के अड़चनों या पक्षपात की संभावना को कम आंकते है|