पिंक बूथ पर मतदान प्रक्रिया की सभी जिम्मेदारी संभालेंगी महिलाएँ
अम्बेडकरनगर। नारी सशक्तिकरण का नारा बुलंद हो, महिलाओं की लोकतंत्र में भागीदारी और अधिक मतदान कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने विशेष पहल की है। चुनाव आयोग ने इस बार विधानसभा चुनाव में 30 पिंक बूथ बनाए हैं। इस बूथ की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं के हाथ रहेगी। बूथ पर साफ-सफाई के साथ इसे गुब्बारों से सजाया जाएगा। साथ ही बैठने के लिए सोफे की व्यवस्था होगी।
पिंक बूथ ऐसा विशेष बूथ होगा, जहां का पूरा मतदान दल महिलाओं का ही होगा। इसमें पीठासीन अधिकारी से लेकर सभी मतदान अधिकारी शामिल होंगे। सुरक्षा की कमान भी महिलाओं के हाथ में होगी। पिंक बूथ के स्टॉफ का विशेष ड्रेस भी हो सकता है। महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपना परचम लहराया है, लेकिन राजनीति क्षेत्र में इनकी अभी तक भागीदारी उतनी नहीं हो पाई है।
घरों के कामकाज में व्यस्त रहने वाली महिलाएं मतदान में भी रूचि कम लेती हैं। इन्हीं कारणों से निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में शत प्रतिशत महिलाओं का नाम दर्ज कराने के लिए बीते साल के अंतिम महीनों में विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाया था। इसमें पुरुष मतदाताओं के मुकाबले महिला मतदाताओं की संख्या का अनुपात सही कराने का प्रयास किया, जहां पहले 1000 पुरुष मतदाता पर केवल 888 महिलाएं थीं, वहीं अब महिला मतदाताओं की संख्या 902 हो गई है। मतदाता बनाने के बाद आयोग महिलाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए पिंक बूथों का निर्माण करा रहा है।
पिछले चुनाव में भी पिंक बूथ बने थे, लेकिन तब केवल एक बूथ पिंक होता था। इस बार हर विधानसभा में 6 पिंक बूथ होंगे। इस तरह से जिले की 5 विधानसभा में कुल 30 पिंक बूथों का निर्माण होगा। पिंक बूथ पर पूरी मतदान प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था महिलाएं सम्पादित करेंगी। पिंक बूथों की भव्य सजावट की जाएगी। मतदाताओं के बैठने के लिए सोफा लगाया जाएगा। इसके अलावा पेयजल की भी समुचित व्यवस्था होगी।
बूथ पर सेल्फी पॉइंट भी बनेगा, ताकि महिला वोटर आकर्षित हों और उनका मतदान प्रतिशत बढ़ाया जा सके। 5 विधानसभा में मतदान 3 मार्च हो होगा। कुल 30 पिंक (गुलाबी) रंग के बूथों का निर्माण शहरी क्षेत्रों में किया गया है। निर्वाचन कार्यालय के लेखाकार शहंशाह ने बताया कि पिंक बूथों का निर्माण शहरी क्षेत्रों में कराया गया है।