- सत्यम सिंह
अंबेडकरनगर जिले के संयुक्त चिकित्सालय के एमसीएच विंग में अल्ट्रासाउंड के लिए दो रेडियोलॉजिस्ट के पद सृजित हैं, परन्तु इन पर नियुक्ति नहीं हो सकी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से एमसीएच विंग की देख-रेख की जाती है। परन्तु, मीडिया के लाख चिल्ल-पों उपरांत अभी तक एमसीएच विंग में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं की गई है। जो अत्यंत सोचनीय एवं दुखद है।
जिला अस्पताल में महिलाओं और शिशुओं के इलाज के लिए बने मैटरनिटी हेल्थ एंड चाइल्ड (एमसीएच) विंग में रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। जिससे महिलाओं का अल्ट्रासाउंड नही हो पाता है। महिलाओं को प्राइवेट में ज्यादा पैसे देकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है।
जिले में महिलाओं और शिशुओं के इलाज के लिए जिला अस्पताल में साल 2018 में एमसीएच विंग का निर्माण कराया गया था, एमसीएच विंग में महिलाओं का खून की जांच और अल्ट्रासाउंड सहित कई तरह की सुविधाएं होनी चाहिए। करीब 4 साल बीत जाने के बाद भी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं हो पाई। अभी तक अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है।
जिला अस्पताल में बने एमसीएच विंग में अल्ट्रासाउंड करने के लिए 2 रेडियोलॉजिस्ट के पद सृजित हैं। 4 साल बाद भी यहां एक भी रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं हुई है। ऐसे में रोजाना 500 के करीब एमसीएच विंग में केवल महिलाओं एवं शिशुओं के इलाज होता है। यहां ज्यादातर गर्भवती महिलाएं इलाज के लिए आती है। जहां रोजाना 5 सौ से ज्यादा महिलाओं की ओपीडी होती है।
