नाबार्ड योजना के तहत खर्च किये जाएंगे 50 करोड़: सौरभ सिंह
- सत्यम सिंह
अंबेडकरनगर। जिले की दो महत्वपूर्ण सड़कों का जीर्णोद्धार , निर्माण और दुगुनी चौड़ीकरण का कार्य शासन की स्वीकृति मिलने के साथ ही शुरु कर दिया जाएगा। इसमें 50 करोड़ रुपये की लागत आएगी और यह कार्य नाबार्ड योजना के अंतर्गत कराया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
उक्त जानकारी देते हुए लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) के अधिशाषी अभियंता इं0 सौरभ सिंह ने बताया कि शासन से स्वीकृति मिलने के बाद शीघ्र ही काम शुरु हो जाएगा। इससे क्षेत्र के लाखों लोगों को सुचारु आवागमन में आसानी होगी। जिले की जनता को आवागमन में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए बड़े पैमाने पर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत भी की जा रही है। अधिशाषी अभियंता सिंह के अनुसार, जिले में दो महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश शासन को भेजा है।
एक्स0ई0एन0 सौरभ सिंह के अनुसार, पड़ोसी जनपद अयोध्या और अंबेडकरनगर को जोड़ने के लिए गोसाईगंज से भीटी तक 10.2 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 25 करोड़ रुपये की लागत से होगा। वर्तमान में इस सड़क की चौड़ाई 3.5 मीटर है, लेकिन अब इसकी चौड़ाई 7 मीटर की जाएगी। इं0 सौरभ सिंह ने बताया कि इसी तरह महरुआ से मिझौड़ा तक 10.3 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 25 करोड़ रुपये की लागत से होगा। इस सड़क की चौड़ाई नये प्रस्ताव में 7 मीटर है, जबकि वर्तमान इसकी चौड़ाई 3 मीटर है।
महरुआ से मिझौड़ा तक बनने वाली सड़क का व्यापक लाभ क्षेत्र के गन्ना किसानों को मिलेगा। जो किसान अपने उत्पाद गन्ना को अकबरपुर चीनी मिल मिझौड़ा ट्रैक्टर - ट्राली और ट्रक से ले जाते हैं, उन्हें श्रवण क्षेत्र, भीटी, चनवा चौराहा होकर घुमावदार मार्ग से जाना पड़ता है। इसकी दूरी लगभग 30 किलोमीटर तय करनी पड़ती है। महरुआ-मिझौड़ा सड़क बन जाने से क्षेत्र के गन्ना किसानों को काफी सहूलियत मिलेगी। इन्हें मात्र 11 किलोमीटर की ही दूरी तय करनी होगी।
लो0नि0वि0 (प्रांतीय खंड) के अधिशाषी अभियंता इं0 सौरभ सिंह ने बताया कि दक्षिणांचल स्थित जिले की दो सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव पिछले दिनों प्रदेश शासन को भेजा गया है। नाबार्ड योजना के अंतर्गत होने वाले निर्माण को शासन की स्वीकृति मिलने के बाद काम प्रारंभ कर दिया जाएगा।
