अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में दवाएं और ऑपरेशन के समान न होने के कारण कम खर्च में इलाज की उम्मीद लगाए अस्पताल आने वाले मरीजो को निराश होना पड़ रहा है। अस्पताल में ऑपरेशन कराने वाले मरीजों को ऑपरेशन कराने से पहले सबंधित डॉक्टर द्वारा बाहर से दवाएं और अन्य समान लाने के लिए लिस्ट थमा दिया जाता है।
ज्योतिबा फुले जिला चिकित्सालय के मरीजो का इलाज का प्रमुख केंद्र है। यहां जिले के कोने-कोने से मरीज इलाज की उम्मीद लेकर आते है। अस्पताल में प्रति दिन सात सौ से एक हजार मरीजो की ओपीडी होती है। वहीं 100 बेड के इस अस्पताल में हमेशा 170 से 200 मरीज भर्ती रहते है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से यहां दवाओं की कमी होने के कारण अस्पताल में आने वाले मरीजो का समुचित इलाज नही हो पा रहा है। 280 में से करीब 170 दवाएं ही उपलब्ध है। जिससे मरीजों को निराश होकर जिले के प्राइवेट अस्पतालों में ज्यादा पैसे देकर इलाज कराना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल की हालत ये है कि अस्प्ताल में अगर फैक्चर होकर कोई मरीज आ जाये तो उसे बाहर से सुई और धागा लाना होगा। वही ऑपरेशन कराना है तो सुई, धागा, ग्लब्स, यूरिन बैग, स्पाइनल निडिल और सुन्न की सुई के साथ ही जो भी समान लगेगा सब लाना होगा।
कटेहरी के मड़ियवा निवासी एक मरीज ने बताया कि उनके पैर में फैक्चर हो गया था। जब वह जिला अस्पताल आए तो उसे डॉक्टर ने सुई धागा गलब्स सहित दो हजार पांच सौ का समान बाहर से मंगवाया गया। पैर में राड लगवाने के लिए दस हजार दिया तब ऑपरेशन हुआ।
