'श्रेयस अय्यर को होना चाहिए भारत का अगला कप्तान,' पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने की मांग

'श्रेयस अय्यर को होना चाहिए भारत का अगला कप्तान,' पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने की मांग

श्रेयस अय्यर के पास आईपीएल में कप्तानी का अनुभव है। इसके अलावा खेल में भी वह तीनों प्रारूप में शानदार रहे हैं। इस साल वह बेहतरीन रहे हैं।






भारतीय टीम में समय के साथ चीजों मद बदलाव देखने को मिला है। कप्तानी भी उनमें से एक है। पहले कप्तानों को लम्बे समय तक अपने पद पर देखा जाता था। सौरव गांगुली, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली का नाम उनमें प्रमुखता से लिया जा सकता है। इसके बाद अब ऐसा दौर आया है जब कप्तानों को कई बार बदलते देखा गया है। हर प्रारूप में कुछ ऐसा ही हुआ है। श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज में हार्दिक पांड्या को कप्तान बनाया गया है। पूर्व भारतीय खिलाड़ी अजय जडेजा इस मामले में एक अलग राय रखते हैं। जडेजा के अनुसार श्रेयस अय्यर भी कप्तान हो सकते हैं।



सोनी स्पोर्ट्स से बातचीत करते हुए जडेजा ने कहा कि अय्यर ने एक बार नहीं बल्कि दो या तीन बार बेहतरीन वापसी की है। चोट से वापस आने के बाद वह शॉर्ट पिच गेंदबाजी के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे। इस समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने काम किया। जब आप किसी बाधा को दूर करते हैं, तो दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। 2-3 साल पहले ही उनको अगले भारतीय कप्तान के रूप में देखा जा रहा था। अब स्थिति कुछ अलग है। अब टीम में 12 कप्तान हैं और चीजें भी अलग हैं लेकिन वह कप्तान बनने के लिए अहम नाम हैं।


इस साल रनों के मामले में अय्यर ने काफी बेहतरीन काम किया है। एकदिवसीय क्रिकेट में शुभमन गिल और धवन जैसे खिलाड़ी उनसे पीछे रहे हैं। वनडे में उन्होंने 724 रन बनाए हैं। वहीं टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 422 रन हैं। बांग्लादेश में खेली गई टेस्ट सीरीज में उन्होंने भारतीय टीम के लिए संकटमोचक का काम किया था। उनसे आगे ऋषभ पन्त हैं जिन्होंने टेस्ट में 680 रन बनाए हैं। ओवरऑल देखा जाए तो श्रेयस अय्यर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस साल 1600 से ज्यादा रन बनाए हैं।


बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज के दूसरे मैच की दूसरी पारी में अय्यर ने अश्विन के साथ आठवें विकेट के लिए अहम भागीदारी कर जीत दिलाई थी। इस पर जडेजा ने कहा कि अय्यर ने लगातार रन बनाए हैं। इस साल टेस्ट क्रिकेट में उनका औसत 60-70 का है और बांग्लादेश में चौथे दिन उन्होंने जो जज्बा दिखाया वह शानदार था। अगर उस साझेदारी को ध्यान से देखें, तो अश्विन ने अधिक गेंदों का सामना किया और अधिक रन बनाए। वह इसलिए हुआ क्योंकि अय्यर को अपनी भूमिका पता थी कि मुझे अंत तक खड़े रहकर मैच समाप्त करना है।


गौरतलब है कि बांग्लादेश के खिलाफ अंतिम टेस्ट की दूसरी पारी में टीम इंडिया चौथे दिन मुश्किल में थी। अय्यर और अश्विन ने मिलकर आठवें विकेट के लिए नाबाद 71 रन जोड़ते हुए टीम इंडिया को 3 विकेट से जीत दिलाई थी। इसमें अय्यर ने नाबाद 29 रन बनाए थे। अश्विन का स्कोर नाबाद 42 रन था।

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