अतीक-अशरफ की हत्या को लेकर हुए ये 10 बड़े खुलासे, कहानी में आ सकता है नया ट्विस्ट

अतीक-अशरफ की हत्या को लेकर हुए ये 10 बड़े खुलासे, कहानी में आ सकता है नया ट्विस्ट

इस मामले में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर कर दी है। अमिताभ ठाकुर ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। ऐसे में हम आपको इस मामले में हुए अब तक के 10 खुलासों के बारे में बताएंगे। जिससे कहानी में ट्विस्ट भी आ सकता है...
 




माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की शनिवार रात गोली मारकर हत्या हो चुकी है। पूरे प्रदेश में पुलिस हाई अलर्ट पर है। सुरक्षा कारणों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उप-मुख्यमंत्री समेत कई मंत्रियों ने अपना सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिया है। 



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों से हर दो घंटे में रिपोर्ट मांगी है। उधर, पुलिस अब तीनों हत्यारोपियों को रिमांड में लेने की तैयारी कर रही है। बताया जाता है कि इसके बाद आरोपियों से पूछताछ होगी। वहीं, इस मामले में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर कर दी है। अमिताभ ठाकुर ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। ऐसे में हम आपको इस मामले में हुए अब तक के 10 खुलासों के बारे में बताएंगे। जिससे कहानी में ट्विस्ट भी आ सकता है... 


1. तीनों हमलावर अलग-अलग जिलों के रहने वाले थे

अतीक और अशरफ की हत्या करने वाले हमलावरों की पहचान लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण मौर्य के रूप में हुई है। तीनों बाइक सवार हत्यारे मीडियाकर्मी बनकर आए थे। तीनों अलग-अलग जिलों से आए थे। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, लवलेश तिवारी बांदा का रहने वाला है, जबकि अरुण मौर्य हमीरपुर और सनी कासगंज का रहने वाला है। 

 

2. दो दिन तक की रेकी, फिर दिया अंजाम 

पुलिस की जांच में सामने आया है कि तीनों 48 घंटे से प्रयागराज में एक होटल में कमरा लेकर रुके थे। इसके बाद से वह लगातार अतीक और अशरफ को फॉलो कर रहे थे। लगातार रेकी करने के बाद हत्या का प्लान बनाया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने पूरा रुटीन बनाया। उन्हें मालूम था कि अतीक और अशरफ के नजदीक पहुंचने का सबसे आसान रास्ता मीडिया है। यही कारण है कि तीनों ने नकली कैमरा, माइक आईडी और आईकार्ड बनवा लिया।   

 

3. भाटी गैंग का निकला एक हमलावर

सूत्रों के मुताबिक, आरोपी सनी सिंह पहले भी जेल जा चुका है और जेल में ही वह भाटी गैंग के मुखिया सुंदर भाटी का खास बन गया है। उसके ऊपर सुंदर भाटी के लिए भी काम करने का आरोप है। हमीरपुर जेल में ही उसकी मुलाकात सुंदर भाटी से हुई थी। सुंदर भाटी भी माफिया है। उसके ऊपर कई मामले दर्ज हैं। 

 

4. एक पर हत्या तो दूसरे पर 15 मुकदमे

पुलिस की जांच में सामने आया है कि तीनों हत्यारोपियों पर पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। 

लवलेश तिवारी: अतीक को पहली गोली मारने वाला लवलेश तिवारी बांदा का रहने वाला है। उसके खिलाफ गुंडागर्दी और झगड़े के कई मुकदमें दर्ज हैं। लवलेश के पिता पेशे से ड्राइवर हैं और उसका परिवार किराए के मकान में रहता है। वह दो साल बांदा जेल में कैद भी रहा है।


अरुण मौर्या: अरुण मौर्या कासगंज के सोरो के कादरबाड़ी गांव का रहने वाला है। अरुण पर तीन से ज्यादा केस दर्ज हैं। 2014-15 जीआरपी सिपाही की हत्या मामले में भी वह आरोपी है। इसी मामले में अरुण मौर्या उर्फ कालिया जेल जा चुका है। 


मोहित उर्फ सनी सिंह: सनी हमीरपुर का रहने वाला है और इसका संबंध भाटी गैंग के साथ है। छह महीने पहले ही सनी जेल से बाहर आया था। उसने 12 साल पहले अपना घर छोड़ दिया था। 

 

5. हमलावर जिस बाइक से आए थे वो अब्दुल मन्नान के नाम पर दर्ज

अतीक और अशरफ की हत्या करने हमलावर जिस बाइक से आए थे, उसके बारे में भी खुलासा हुआ है। पता चला है कि ये UP70M7337 नंबर की बाइक सरदार अब्दुल मन्नान खान के नाम से रजिस्टर्ड है। यह नंबर हीरो होंडा की पुरानी गाड़ी CD-100ss बाइक पर दर्ज है। इसे तीन जुलाई 1998 को कैश देकर खरीदा गया था। बाइक कहां से लाई गई थी और किसने हत्यारों को दी, इसकी भी जांच चल रही है। 

 

6. तीनों हत्यारों के परिजन पहले ही कर चुके हैं किनारा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अतीक और अशरफ की हत्या करने वाले तीनों आरोपियों को पहले से ही उनके घर से बेदखल किया जा चुका है। तीनों के परिजनों ने कहा है कि उनका हत्यारों से कोई लेनादेना नहीं है। 

 

7. बड़ा माफिया बनने के लिए वारदात को अंजाम दिया 

सूत्रों के अनुसार, पुलिस की पूछताछ में तीनों ने कहा है कि वह बड़ा माफिया बनना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया। तीनों हत्यारों ने कहा कि वह कब तक छोटे-मोटे शूटर बने रहेंगे।

 

8. पाकिस्तान से जुड़े तार

अतीक और अशरफ की हत्या में तीन अलग-अलग पिस्टल का प्रयोग हुआ। इसमें एक 30 पिस्टल (7.62) स्वदेशी, दूसरा 9 एमएम पिस्टल गिरसान (तुर्किये में बनी), और तीसरा 9 एमएम पिस्टल जिगाना (तुर्कीये) शामिल है। इनकी कीमत 4 से सात लाख रुपये तक की है। जिगाना पिस्टल भारत में बैन है। इसे पाकिस्तान के रास्ते भारत में सप्लाई किया जाता है। ऐसे में इस हत्याकांड के तार अब पाकिस्तान तक जुड़ चुके हैं। 


9. 10-10 लाख रुपये की सुपारी 

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अतीक-अशरफ की हत्या के लिए तीनों आरोपियों को 10-10 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। अब ये सुपारी किसने और क्यों दी अभी तक इसका खुलासा नहीं हो पाया है।


10. तीनों हमलावर एक-दूसरे को पहले से जानते थे 

सूत्रों के मुताबिक, तीनों ही हमलावर एक-दूसरे को पहले से जानते थे। सनी और लवलेश की मुलाकात बांदा जेल में हुई थी, बाद में दोनों में दोस्ती हो गई, जबकि सनी और अरुण पहले से दोस्त थे और सनी ने ही लवलेश की अरुण से दोस्ती कराई थी।

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