आईडीए नेटवर्किंग के छह सूत्रधारों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज

आईडीए नेटवर्किंग के छह सूत्रधारों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज

अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में हजारों लोगों को इस कंपनी ने ठगा

200 करोड़ की ठगी कर हुई फरार



अम्बेडकरनगर। जिले में आईडीए नेटवर्किंग कंपनी ने हजारों लोगों का लगभग दो सौ करोड़ लेकर फरार हो गई। ठगी का शिकार होने वालों में शहर के कई नामी लोग भी शामिल हैं। लंबी जद्दोजहद के बाद अकबरपुर कोतवाली में छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि की अभी तक आरोपी फरार हैं।


कम समय में कमाने के लिए लोगों ने आईडीए नेटवर्किंग साइट्स के माध्यम से पैसा लगाया। कंपनी को चलाने वालों में नगर के कुछ लोग शामिल रहे। जिन्होंने लोगों को इस फ्राड से जोड़ने के लिए बकायदा सेमिनार भी किया। एक सप्ताह पूर्व कंपनी ने पैसा दोगुना करने का लालच दिया तो नगर और आसपास के हजारों लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई इसमें लगा दी। इसके एक सप्ताह के भीतर ही कंपनी ने अपना बोरिया बिस्तर समेटना शुरू कर दिया।


सूत्रों की मानें तो कई सत्ताधारी नेता इन धोखाधड़ी करने जालसाजों की ढाल बने हुए है और पुलिस से इनको बचाने की सिफारिश कर रहे है। IDA नामक नेटवर्किंग कम्पनी लांच कर हजारों लोगों से करोड़ों रुपये ठगने के मामले में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ अकबरपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दिया है।


 देखते देखते यह साइट बंद होने लगी। फिर अचानक एप से सब कुछ गायब हो गया। इससे लोगों की आंखों के सामने अंधेरा छा गया। इस आईडीए एप के स्थानीय कर्ताधर्ता शहजादपुर के आधा दर्जन लोग बताए जा रहे हैं। गुरुवार को नगर के टांडा रोड स्थित साहू कालोनी के निवासी कुलदीप गुप्ता ने अकबरपुर कोतवाली में तहरीर दी। लंबी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया किया। प्रभारी निरीक्षक संजय पांडे ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि लगभग दो सौ करोड़ रुपए का फ्राड करने वालों को गिरफ्तार करने में पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। शुक्रवार को और भी ठगी के शिकार लोग मामले की शिकायत कर सकते हैं। कोतवाल ने मुकदमा किसके खिलाफ दर्ज हुआ या नहीं बताया उन्होंने कहा कि पीडीएफ कॉपी आने के बाद भेज दी जाएगी।


शुरुआत में ऐप कुछ लोगों के पास ही था, लेकिन धीरे धीरे इस ऐप ने बड़ी संख्या में लोग को खुद से जोड़ लिया। जब लोगों के मन मे ऐप को लेकर विश्वास बढ़ गया तो ऐप चलाने वालों ने 3 अप्रैल को पैसा दोगुना करने को लेकर एक स्कीम निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में लोगो ने पैसा लगा दिया, जिसके दो दिन बाद ऐप लोगो के मोबाइल स्क्रीन से अचानक गायब हो गयी। निवेशकों की माने तो हजारों लोगो का करीब 6 सौ करोड़ रुपये का निवेश किया था।


आईडीए में पैसा लगाने वालों ने जब एप बंद होने के बाद हो हल्ला किया तो बताया जा रहा है कि कुछ लोगों को अकबरपुर कोतवाली पुलिस ने उठाया था। बाद में एक सफेदपोश के इशारे पर छोड़ दिया। इसकी नगर में तरह तरह की चर्चा भी है।


आईडीए एप्प में पैसा बाईनेंस और ऑक्स नामक क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज एप्प से पैसा लगता था और उसी एप्प के माध्यम से क्रिप्टो करेंसी के रूप में निकाला भी जाता था। क्रिप्टो को रुपये में परिवर्तित करने के लिए उसी एप्प से क्रिप्टो डॉलर के रेट से बेच कर रुपए में परिवर्तित करके निकाल लिया जाता था। इसमें शहर के कुछ ऐसे लोग भी थे, जिन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई लगाई थी।


अपर पुलिस अधीक्षक संजय राय ने बताया कि ठगी करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। मामले में सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

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