अम्बेडकरनगर। आगामी 11 मई को जनपद में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों में प्रशासनिक अमला सहित राजनीतिक पार्टियां भी युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं। पुलिस प्रशासन ने आपराधिक क्षवि के लोगों पर शिकंजा कसने के काम तेज कर दिया है जिससे भयमुक्त माहौल में शांतिपूर्ण व सकुशल चुनाव सम्पन्न कराया जा सके। सपा बसपा कांग्रेस सहित भारतीय जनता पार्टी ने भी फिलहाल अभी तक अपना पत्ता नहीं खोला है जिससे चुनाव लड़ने के दावेदार अपने को सबसे मजबूत होने का दावा पेश कर रहे हैं।
औद्योगिक बुनकर नगरी में भाजपा अपना विजय पताका फहराने के लिए काफी गंभीर है। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण भाजपा मुस्लिम चेहरे पर दांव लगाने की दिशा में कड़ा मंथन कर रही है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि पहली बार भाजपा बार टाण्डा नगर पालिका से अध्यक्ष पद पर मुस्लिम चेहरे को मैदान में उतार सकती है। मुस्लिम चेहरा उतारने के पीछे भाजपा की सोच है कि भाजपा की मूल वोट के साथ कुछ मुस्लिम मत जुड़ने से विजय काफी आसान हो जाएगी।
बताते चलें कि आरक्षण से पहले ईंट भट्टा व्यवसायी हाजी महमूद आलम का काफी मजबूत दावेदार माना जा रहा है तथा अधिकांश भाजपा नेता उन्हें भावी प्रत्याशी के रूप में स्वीकार भी कर चुके थे लेकिन आरक्षण में सीट ओबीसी खाते में जाने के कारण हाजी महमूद आलम दावेदारी से बाहर हो गए और अब भाजपा उसी गुणागणित के आधार पर पुनः किसी मज़बूत मुस्लिम चेहरे पर दांव लगा कर टाण्डा में पहली बार भाजपा का पताका फहराने के लिए आतुर नज़र आ रही है।
मौजूदा समय भाजपा नेता रईस अहमद को भाजपा से मज़बूत दावेदार माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों ने चर्चा है कि अन्य मुस्लिम चेहरों पर भी भाजपा विचार विमर्श कर रही है। बहरहाल समाचार लिखे जाने तक भाजपा ने अपना पत्ता नहीं खोला है लेकिन विशेषज्ञों की माने तो टाण्डा नगर पालिका में विजय पताका पहरने के लिए पहली बार मुस्लिम चेहरा को भी अपना प्रत्याशी बनाया सकती है।
