पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीते दिनों उन राज्यों में कांग्रेस को समर्थन देने की पेशकश की है, जहां कांग्रेस मजबूत है. इस पर अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है.
देश में लोकसभा चुनाव 2024 के लिए लगभग एक साल रह गए हैं. ऐसे में सत्ता पर काबिज बीजेपी से मुकाबला करने के लिए फिर से विपक्षी एकता की बात हर तरफ हो रही है. इसके लिए विपक्ष के कई दिग्गज नेता एक-दूसरे से मिल रहे हैं और अपना बयान भी दे रहे हैं. इसी कड़ी में विपक्षी एकता को लेकर ममता बनर्जी के बयान पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है.
अखिलेश यादव ने कहा है कि नीतीश कुमार, ममता बनर्जी, केसीआर और अलग-अलग राजनीतिक दल इसका रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जहां भी कोई पार्टी मजबूत होगी, उन सभी जगहों पर चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा जाएगा. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीते सोमवार को उन राज्यों में कांग्रेस को समर्थन देने की पेशकश की, जहां कांग्रेस मजबूत है, बशर्ते राज्य में कांग्रेस की तरह उनकी तृणमूल कांग्रेस को भी समर्थन मिले.
ममता बनर्जी ने कहा, "शुरुआत से मैं कह रही थी कि संबंधित क्षेत्रों में ताकत रखने वाले दलों को वहां सीधे बीजेपी का मुकाबला करना चाहिए. जैसे- दिल्ली में आप, बिहार में राजद-जदयू, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और तमिलनाडु में द्रमुक-कांग्रेस और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस. हमने कर्नाटक में कांग्रेस का समर्थन किया था, अब उन्हें पश्चिम बंगाल में भी हमारे साथ वैसा ही करना चाहिए. यह सही नहीं है कि कर्नाटक में वे हमारे समर्थन का आनंद लेंगे और पश्चिम बंगाल में हमारा विरोध करेंगे.
इससे पहले 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी के खिलाफ मोर्चा बनाने में लगे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हाल ही में अखिलेश यादव से मिलने लखनऊ पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कहा था, "हम आए ही हैं इसीलिए कि ज्यादा से ज्यादा पार्टियों की राय एक हो जाए, ताकि देश को आगे ले जाया जा सके. इस समय कोई काम नहीं हो रहा है, सिर्फ प्रचार-प्रसार हो रहा है. पार्टियों के साथ बैठकर बातचीत हो रही है और हम मिलकर काम करेंगे, ताकि देश आगे बढ़े और देश को बीजेपी से मुक्ति मिले. ये लोग देश के इतिहास को बदलने में जुटे हैं. हमारी सब लोगों से बातचीत पहले से हो रही है और इसका अच्छा परिणाम आएगा. सब लोग एक साथ मिलकर और सभी पार्टियों को एक साथ मिलकर अगला चुनाव लड़ेंगे, जो देशहित में अच्छा होगा."
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