अम्बेडकरनगर। विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हजरत सैयद मखदूम अशरफ की दरगाह, किछौछा शरीफ में आने वाले जायरीन और श्रद्धालुओं को अब कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दरगाह की ओर जाने वाली सभी मुख्य सड़कों की हालत बदतर हो चुकी है। श्रद्धालुओं का पैदल चलना भी दुश्वार हो गया है। विशेषकर डयूहारे बाबा से लेकर अलरज्जाक गेस्ट हाउस और मदरसा अरबिया दरगाह तक जाने वाली सड़क की स्थिति बेहद खराब हो गई है।
गंदगी और उबड़-खाबड़ रास्तों की समस्या से जूझ रहे लोग अब प्रशासन से नाराज़ हैं। नालियों की सफाई न होने और सड़कों की मरम्मत में देरी से इस इलाके में कीचड़ और गंदा पानी जमा हो जाता है, जिसके कारण यहां आने वाले श्रद्धालुओं को घुटने तक पानी में होकर गुजरना पड़ता है। नई बस्ती की तरफ जाने वाले रास्तों की स्थिति भी गंभीर हो चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि किछौछा शरीफ में हजरत मखदूम अशरफ की दरगाह एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में सड़कों की दुर्दशा का सीधा असर दरगाह की छवि पर पड़ रहा है।
श्रद्धालुओं को हो रही समस्याएँ
यहां आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि सड़कों पर बिछी डामर जगह-जगह से उखड़ चुकी है, जिससे आने-जाने वाले लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। खासतौर पर बुजुर्ग और महिलाएं इन उबड़-खाबड़ रास्तों पर चलते समय दुर्घटनाओं का शिकार हो रही हैं। श्रद्धालुओं की दिक्कतों को नजरअंदाज करना, प्रशासन की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
एक श्रद्धालु का कहना था, "हम हर साल यहां दरगाह के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन इस बार सड़कों की स्थिति देखकर हमें बड़ी तकलीफ हुई। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने पवित्र स्थान की सड़कों का ये हाल है।"
प्रशासनिक अनदेखी से बढ़ता गुस्सा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार नगर पालिका प्रशासन से सड़कों की मरम्मत की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। नगरवासियों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि धार्मिक स्थल की ओर जाने वाली प्रमुख सड़कों की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
लोगों का कहना है कि जल्द ही वे चेयरमैन और ईओ की शिकायत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाएंगे। उनका कहना है कि यदि प्रशासन जल्द ही कार्रवाई नहीं करता, तो नगरवासियों का गुस्सा कभी भी फूट सकता है।
प्रबुद्ध वर्ग की राय
नगर के प्रबुद्ध वर्गीय लोगों का मानना है कि धार्मिक स्थल की सड़कों को शीघ्र मरम्मत की आवश्यकता है। एक वरिष्ठ नागरिक ने कहा, "यहां आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। सड़कों की यह दुर्दशा न केवल असुविधाजनक है, बल्कि खतरनाक भी है। लोगों को इन टूटी-फूटी सड़कों पर गिरने से गंभीर चोटें लग रही हैं।"
किछौछा शरीफ में धार्मिक स्थलों की खराब हालत पर प्रशासन की उदासीनता ने यहां के लोगों को चिंतित कर दिया है। जल्द ही कोई कार्रवाई न होने की स्थिति में नगरवासियों के आक्रोश का विस्फोट होना तय है।
