अम्बेडकरनगर। मंगलवार को शहजादपुर फौव्वारा तिराहे के पास लगी भगवान श्रीराम की प्रतिमा को एक अराजक तत्व द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना से शहर में आक्रोश फैल गया। दिनदहाड़े हुई इस शर्मनाक घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर एकत्रित हो गए और नारेबाजी करने लगे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने वाले युवक को गिरफ्तार कर थाने ले गई।
घटना का विवरण
मंगलवार की दोपहर को एक युवक ने भगवान श्रीराम की प्रतिमा पर चढ़कर उसे क्षतिग्रस्त करना शुरू कर दिया। प्रतिमा को तोड़ते हुए युवक का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि वह प्रतिमा को नुकसान पहुंचा रहा है। युवक की हरकत को देख स्थानीय लोगों ने उसकी पहचान की और उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलने पर अकबरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को थाने ले आई। युवक की पहचान बीरबल पुत्र राम नेवल निवासी रतनपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि युवक नशे की हालत में दिखाई दे रहा था और उससे पूछताछ की जा रही है। थानाध्यक्ष बीबी सिंह ने पुष्टि की कि युवक को पकड़ लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवक ने जानबूझकर या नशे की हालत में ऐसा किया, इसकी जानकारी अभी प्राप्त की जा रही है।
डीएम का दौरा और स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी अविनाश सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और प्रतिमा को शीघ्र ठीक करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि ऐसी घटनाओं को लेकर प्रशासन गंभीर है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का आक्रोश स्पष्ट था। उन्होंने भगवान श्रीराम की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने की घटना की निंदा की और आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। भीड़ ने नारेबाजी की और पुलिस से उचित कार्रवाई की अपील की। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि युवक का पुलिस की पहचान की टी-शर्ट पहनना संदिग्ध है और इससे कई सवाल उठते हैं।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रशासन ने घटना के बाद सुरक्षा बढ़ा दी है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है और त्वरित न्याय की मांग की है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस और प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। इस घटना ने इलाके में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और इसके परिणामस्वरूप सामाजिक और राजनीतिक दबाव बढ़ गया है। पुलिस और प्रशासन की टीम इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि आरोपित को उचित सजा मिल सके और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों ने इस घटना के बाद कानून और व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंताओं को व्यक्त किया है और मांग की है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए जो समाज में अशांति फैलाने का प्रयास करते हैं।
