दबंग देवर ने भाई, भाभी तथा बच्चों को किया बेघर

दबंग देवर ने भाई, भाभी तथा बच्चों को किया बेघर


न्याय पाने के लिए दम्पत्ति इधर से उधर भटकने को मजबूर

अम्बेडकरनगर। घर परिवार में आपसी बंटवारे को लेकर एक दम्पत्ति थाना पुलिस से लेकर जिले के हाकिम तक का दरवाजा खटखटा रहा है परन्तु महीने भर से ऊपर हो गया अभी तक उसको न्याय नहीं मिल सका है। अपने ही घर में बेगानों की तरह दिन गुजारने वाला दम्पत्ति इधर से ऊधर रात और दिन गुजारने पर विवश है। महिला सशक्तीकरण का दम भरने वाली सरकार में इस दम्पत्ति का कोई साथ देने वाला नहीं है। ऊपर से दम्पत्ति का सगा सम्पत्ति लोभी बना तरह-तरह का उत्पीड़न कर रहा है। मामला कुछ यूं है। 

थाना जलालपुर क्षेत्र अन्तर्गत मोहल्ला गंजा निवासिनी श्रीमती पिंकी मिश्रा पत्नी रोहित मिश्रा ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर अपना दुखड़ा रोया है। प्रार्थना-पत्र के अनुसार मोहल्ला गंजा (नपाप जलालपुर) निवासी स्व0 राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा के दो पुत्र रोहित और मोहित रहते हैं। दोनों शादी-शुदा हैं। घर में परिवार बढ़ने के साथ-साथ धन और अन्य जरूरत की चीजों का अभाव होने से कलह होने लगी। मेरे पति और मेरे देवर मोहित अलग रहने लगे। कालान्तर में जब बंटवारे की बात चली तब मोहित पुत्र स्व0 राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा ने मेरे पति रोहित मिश्रा को घर और जमीन-जायदाद में हिस्सा देने से मना कर दिया, और घर से उसका सारा सामान निकालकर बाहर फेंक दिया। 

मैं अपने दो बच्चों पुत्री और पुत्र क्रमशः 8 वर्ष व 2 वर्ष तथा अपने पति के साथ मायके, रिश्तेदारियों तथा हित-मित्रों के यहाँ दिन गुजारने पर विवश हूँ। जब-जब हमने हिस्सा बांट की बात किया तब तब मोहित ने डांट, डपट कर धमकी दिया और मारा-पीटा। यह क्रम उसका आज भी जारी है। हम लोग डर वश उससे हिस्सा बांट की बात ही नहीं कर पा रहे हैं। थाना पुलिस हमारा कोई सहयोग नहीं कर रहा है। पिंकी मिश्रा ने कहा कि उसका देवर मोहित पेशे से वकील हैै। जलालपुर तहसील में वकालत करता है और प्रभावशाली है। यही कारण है कि घरेलू बंटवारे में कोई हस्तक्षेप नहीं कर रहा है। और बढ़े हुए मनोबल के साथ मोहित मिश्रा हमारे हिस्से की सम्पत्ति, जमीन-जायदाद हड़प लेना चाहता है। मैं अपने पति और बच्चों के साथ न्याय पाने के दर-दर की ठोकरें खा रही हूं।

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