अम्बेडकरनगर। सीसीटीवी, राउटर व वायस रिकॉर्डिंग के बीच 23 जनवरी को जिले के 86 केद्रों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा होगी। इसमें कुल 45 हजार 246 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा को सकुशल निपटाने के लिए प्रत्येक केंद्र पर एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट व दो पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 10 सचल दल भी लगातार केंद्रों पर पहुंचकर परीक्षा को सकुशल निपटाने का कार्य करेंगे। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिम्मेदारों को निर्देशित किया गया है कि वे परीक्षा केंद्रों का स्थलीय सत्यापन करें। साथ ही परीक्षा के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पूरी सख्ती के साथ पालन कराएं। इसमेें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
टीईटी को सकुशल निपटाने के लिए जिला प्रशासन ने सभी जरूरी तैयारियां तेज कर दी हैं। बीती 28 नवंबर को हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। बीते दिनों ही टीईटी की नई तिथि की घोषणा की गई थी। इसके अनुसार 23 जनवरी को टीईटी होनी है। डीआईओएस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 23 जनवरी को जिले के 86 केंद्रों पर टीईटी होगी।प्रथम पाली में 49, जबकि दूसरी पाली में 37 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 10 से दोपहर साढ़े 12 बजे तक, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा अपराह्न ढाई बजे से 5 बजे तक होगी। प्रथम पाली में 26 हजार 125 परीक्षार्थी भागीदारी करेंगे, जबकि दूसरी पाली में 19 हजार 12 परीक्षार्थी शामिल होंगे। ऐसे में कुल 45 हजार 246 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
प्रत्येक केंद्र पर तैनात होंगे दो पर्यवेक्षक
इस सम्बन्ध में जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवीण कुमार मिश्र ने बताया कि परीक्षा को सकुशल निपटाने के लिए प्रत्येक केंद्र पर एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट व दो पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। प्रत्येक कक्ष में दो कक्ष निरीक्षक मौजूद रहेगे। इसके साथ ही सचल दल की 10 टीमें लगातार भ्रमण करते हुए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पहुचेंगी। इसके अलावा केंद्र के मुख्य गेट पर परीक्षार्थियों की सघन जांच की जाएगी। साथ ही कक्ष के अंदर भी जांच की जाएगी। कक्ष के अंदर मोबाइल ले जाने की कतई अनुमति नहीं होगी।
डीआईओएस ने बताया कि 23 जनवरी को होने वाली टीईटी को एक तरफ जहां सकुशल निपटाने केे लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, तो वहीं कोरोना गाइडलाइन का भी पूरी तरह से पालन किया जाएगा। परीक्षा कक्ष में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन कराया जाएगा। साथ ही मास्क की अनिवार्यता भी सुनिश्चित की जाएगी।