लोकसभा और विधानसभा चुनाव में अभी तक सेवारत सैनिकों को मतदान के लिए बैलेट पेपर भेजा जाता रहा है। इससे इतर अन्य कर्मियों तथा विदेश में रहने वालों को मांग के अनुसार यह सुविधा दी जाती थी। कोरोना महामारी और अक्षमता की वजह से बुजुर्ग व दिव्यांग मतदान करने से कतराने लगे हैं। इससे राहत देते हुए चुनाव आयोग ने इस बार उन्हें बैलेट पेपर से मतदान की सुविधा दी है। पांचों विधानसभा क्षेत्रों में करीब 2179 सेवारत सैनिक मतदाता हैं। इससे इतर 13 हजार 879 दिव्यांग मतदाता व 80 साल से अधिक आयु के 34 हजार 27 बुजुर्ग मतदाता हैं। इनके घर पर बैलेट पेपर भेजा जा रहा है।कोरोना संक्रमित भी पाएंगे सुविधा: बैलेट पेपर पर मतदान की सुविधा का लाभ इनके अलावा कोरोना संक्रमितों को भी मिलेगा।
ऐसे मतदाताओं की मांग पर बैलेट पेपर दिया जाएगा। कोरोना संक्रमित होने और इनमें लक्षण दिखने पर सुविधा मिलेगी। हालांकि संक्रमितों को मतदान केंद्र पर भी पहुंचकर मतदान का अधिकार होगा। इन्हें कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए शारीरिक दूरी बनाकर मास्क एवं दस्ताना पहन मतदान करना होगा। खुद के संक्रमित होने के बारे में लोगों को मतदान केंद्र पर पहुंचने के बाद बताना होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेशों का सख्ती से पालन कराने में निगरानी टीमें सक्रिय हो गई हैं। आदर्श आचार संहिता का धरातल पर अनुपालन कराने में शहर से गांव तक जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट लग गए हैं।
रेनबोन्यूज से वार्ता करते हुए उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी अशोक कुमार कन्नौजिया ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा सेना के जवान, बुुजुर्ग व दिंव्याग मतदाताओं की सुविधा के लिये चुनाव आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों का शत प्रतिशत पालन कराया जा रहा है।