अम्बेडकरनगर। औषधि प्रशासन की उदासीनता से जिले में अवैध दवा का कारोबार नहीं थम रहा है। नगर में दवा के कई थोक व्यवसायी बिना लाइसेंस की दुकानों पर दवा उपलब्ध कराने से बाज नहीं आ रहे हैं। ड्रग एसोसिएशन जिलाध्यक्ष राम रतन वर्मा ने बताया कि औषधि निरीक्षक की शिकायत प्रमुख सचिव एवं जिलाधिकारी से करने के बाद भी औषधि विभाग गलत लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पर रोक नही लगा रहा है।
यहां तक जारी लाइसेंस की जन सूचना मांगने पर भी सूची नहीं उपलब्ध कराई गई। जिले में तीन थोक दवा व्यवसायी मुख्यालय पर हैं, जो बिना लाइसेंस की दुकानों को दवाएं उपलब्ध कराते हैं। विभाग के चहेते होने के कारण इन पर कार्रवाई नहीं होती है। बिना लाइसेंस की दुकानों से यह कभी नहीं पूछा जाता है कि ये दवाएं किस फार्म से उपलब्ध करायी जाती हैं। एसोसिएशन अध्यक्ष ने कहा कि यदि गलत लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगी तो यह समझा जाएगा कि विभाग जानबूझ कर सुविधा शुल्क लेकर गलत लाइसेंस जारी कर रहा है।
ऐसे में कई अप्रशिक्षित लोग जिले में दवा का करोबार कर रहे हैं, जो अवैध हैं। यदि जिले में गलत दवाओं से कोई घटना घटित होती है तो इसकी सारी जिम्मेदारी औषधि विभाग व प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि बार-बार की शिकायत के बावजूद औषधि विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर सका।