अम्बेडकरनगर : हरियाली के लिए अभिशाप बनी अवैध आरा मशीनें

अम्बेडकरनगर : हरियाली के लिए अभिशाप बनी अवैध आरा मशीनें


अम्बेडकरनगर।
वन विभाग की उदासीनता से अवैध आरा मशीनों का संचालन बेरोकटोक जारी है, जिससे प्रतिबंधित पेड़ों की कटान कर लकड़ी माफिया हरियाली को नष्ट करने से बाज नहीं आ रहे हैं।जिले के विभिन्न क्षेत्रो में वन विभाग की तरफ से आरा मशीन के संचालन का लाइसेंस दिया गया है लेकिन जितनी लाइसेंसशुदा आरा मशीनें हैं उतनी बिना लाइसेंस के ही संचालित हैं। इतना ही नहीं कुछ आरा मशीन संचालक एक इकाई की स्थापना का लाइसेंस लिए हैं लेकिन उसकी आड़ में दो-दो आरा मशीनों का संचालन कर रहे हैं। इसका खुलासा आरटीआई से हुआ है।

बेवाना निवासी फतेबहादुर कन्नौजिया ने प्रभागीय वनाधिकारी से जब इस संबंध में आरटीआई के जरिये सूचना मांगी तो मामला उजागर हुआ। मांगी गई सूचना में बताया गया कि अकबरपुर दोस्तपुर रोड के ग्राम होरिलपुर में आरा मशीन लगाने का लाइसेंस दिया गया है, जिसमें एक इकाई की स्थापना का प्रावधान है। यानी एक लाइसेंस पर एक आरा मशीन स्थापित होती है। शिकायतकर्ता फतेबहादुर कन्नौजिया का आरोप है कि यहां एक आरा मशीन के लाइसेंस पर दो आरा मशीन का संचालन कराया जा रहा है लेकिन शिकायत के बाद भी विभाग उदासीन बना हुआ है। 

बीते वर्ष इस अवैध आरा मशीन के संचालन के बारे में शिकायत की गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरा मशीन पर 10एचपी का इंजन होने का प्राविधान है लेकिन यहां आरा मशीन में 25 एचपी के इंजन का प्रयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही बिना परमिट वाली नीम, सागौन, शीशम, पीपल, महुआ व अन्य प्रजाति की लकड़ी चीरी जाती है।

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