अंबेडकरनगर : बहोरिकपुर में शौचालय निर्माण में व्यापक भ्रष्टाचार

अंबेडकरनगर : बहोरिकपुर में शौचालय निर्माण में व्यापक भ्रष्टाचार


अंबेडकरनगर।
  स्वच्छता के लिए चलाए गए अभियान को भ्रष्टाचार की बुरी नजर लग गई है।जबकि निर्मल भारत अभियान से लेकर स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर बड़ी रकम केन्द्र और राज्य शासन की ओर से स्वीकृत की गई थी।समग्र स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए स्वीकृत रकम का घोटाला करने में अनेक गांवों के सरपंच और सचिव भी पीछे नहीं हैं।स्वच्छता का अभियान भ्रष्टाचार में उलझकर रह गया है।परन्तु गॉव शहर के गली मुहल्लों से लेकर हर तरफ आज भी पर्याप्त साफ-सफाई नजर नहीं आ रही है।

प्रधानमंत्री का स्वच्छता अभियान 2 अक्टूबर के दिन देश भर में खूब चर्चित हुआ लेकिन अगले ही दिन से गंदगी व कचरा पहले ही तरह देखा जा रहा है। साफ-सफाई को लेकर जो सक्रियता उस दिन को देखी गई वह अगले ही दिन से गायब सी हो गई। राज्य के अनेक ग्राम पंचायतों में यह भी देखने में आया है कि साफ सफाई बनाए रखने एवं शौचालय निर्माण के लिए जो पैसा सरकार की ओर से स्वीकृत किया गया, उसे जिम्मेदार कर्मचारी अधिकारी मिल बांटकर खा गए। वहीं कुछ लोग जिम्मेदार अधिकारियों की मदद से सालों से इस अभियान को पलीता लगा रहे हैं।

 मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले के अकबरपुर विकासखंड के बहोरिकपुर का है, जहां अधिकारियों के संरक्षण में पीएम के ड्रीम प्रॉजेक्ट में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। शौचालयों में लगभग दर्जनों लाभार्थी को जाति परिवर्तित भी किया गया जिसमें सामान्य को एस.सी.और एस.सी.को ओबीसी बनाया गया और कुछ लाभार्थियों से संवाद करने के बाद पता चला कि भुगतान भी नहीं हुआ। इसका परिणाम यह हुआ है कि स्वच्छता के लिए स्वीकृत की गई राशि भ्रष्ट कर्मचारी हजम कर गए।  इस संदर्भ में विश्ववार्ता  ने एडीओ पंचायत प्रभात सिंह से वार्ता किया तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जायेगी और दोषी के खिलाफ उचित कार्यवाही भी की जायेेगी। 

Post a Comment

और नया पुराने