अम्बेडकरनगर। विधानसभा चुनाव अभियान के तेज़ी पकड़ते ही इसके साथ कंधे से कंधा मिला कर कोरोना के मामले भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं। प्रत्याशियों के समर्थक भारी भीड़ के साथ गांवों में मतदाताओं से जनसंपर्क के दौरान पहुंचकर कोरोना वायरस को निमंत्रण देते दिख रहे हैं। वही भीड़ में प्रत्याशी व उनके समर्थक न तो मास्क पहने हुए थे और ना ही सोशल डिस्टेंस का पालन कर रहे थे। उम्मीदवार गांव में समर्थकों को लेकर व्यवस्थाओं को चुनौती दे रहे हैं।
एक तरफ मतदाताओं से उनके सुरक्षा व उन्हें कई प्रकार की सुविधाओं देने की वादा करते हैं, तो दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार प्रसार के लिए पहुंचे प्रत्याशी व उनके समर्थक नियमों को तोड़ खुद को सुरक्षा नहीं कर पाते हैं। प्रचार प्रसार में हिस्सा लेने आए बिना मास्क पहने किसी भी व्यक्ति से अगर इसकी वजह पूछें तो उसका जवाब कमोबेश इन शब्दों में ही मिलता है। अभी हमारे सामने दूसरी लड़ाई है कोरोना के साथ 3 मार्च चुनाव बाद लड़ लेंगे। "इन टिप्पणियों से पता चलता है कि कोरोना के बढ़ते ख़तरों से अम्बेडकरनगर जनपद में लोग कितने लापरवाह हैं।चुनाव अभियान के दौरान न तो कहीं किसी के चेहरे पर मास्क नज़र आता है और न ही सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन हो रहा है।
पूरे देश में फिर संक्रमण बढ़ रहा है। लेकिन अब जब सात चरणों में चुनाव हो ही रहा है तो इसे किसी भी हालत में रोका नहीं जा सकता। खेल जब शुरू हो ही गया है तो इसे ख़त्म भी करना होगा। बुद्धिजीवियों द्वारा "चुनाव अभियान के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल की सरेआम धज्जियां उड़ने पर गहरी चिंता जताते हुए कहा हालात पर नियंत्रण के लिए ठोस क़दम उठाने की जरूरत है। ताकि कोविड-19 से बचाव के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।