धान बिक्री को लेकर किसान असमंजस में

धान बिक्री को लेकर किसान असमंजस में


अम्बेडकरनगर।
हड़ताल तथा ऑफलाइन व ऑनलाइन की उहापोह के बीच जिले में दो माह में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 48.87 प्रतिशत धान खरीद हो चुकी है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित 5 एजेंसियों के 82 केंद्रों पर 13 हजार 741 किसानों का 77403 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है, जबकि जिले को एक लाख 58 हजार 400 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य शासन से दिया गया है। हालांकि किसानों में इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति है कि ऑफलाइन व ऑनलाइन के चक्कर में उनकी उपज की खरीद किस प्रकार से क्रय केंद्रों पर हो सकेगी।जिले में धान खरीद का कार्य विभिन्न कारणों से गति नहीं पकड़ पा रहा है। 

कभी केंद्र प्रभारियों की हड़ताल के चलते खरीद में समस्या उत्पन्न होती है, तो कभी धनाभाव के चलते क्रय केंद्र से किसानों को मायूसी हाथ लगती है। इस बीच पहले ऑफलाइन टोकन सिस्टम से खरीदारी हो रही थी, तो बीते दिनों ही शासन ने इसमें बदलाव करते हुए ऑनलाइन टोकन सिस्टम से खरीदारी किए जाने का निर्देश जारी किया था। इससे उन किसानों को तगड़ा झटका लगा, जो लंबे समय से धान लदे वाहन को लेकर क्रय केंद्रों पर अपना नंबर आने का इंतजार कर रहे थे। मजबूर होकर उन्होंने ऑनलाइन टोकन लिया, तो दो दिन बाद ही फिर से ऑफलाइन टोकन सिस्टम कर दिया गया। 

अब फिर से ऑनलाइन टोकन सिस्टम कर दिया गया। इससे उपज की बिक्री को लेकर किसानों में लगातार उहापोह की स्थिति बनी हुई है।जिले में किसानों को धान बिक्री करने के लिए किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 5 एजेंसियों के 82 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। एक नवंबर से प्रारंभ हुई धान खरीद को लेकर जिले को एक लाख 58 हजार 400 एमटी खरीद का लक्ष्य दिया गया। खाद्य एवं विपणन विभाग कार्यालय के अनुसार अब तक 13 हजार 741 किसानों का 77403 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है, जो लक्ष्य के सापेक्ष 48.87 प्रतिशत है। एडीएम अशोक कुमार कनौजिया ने कहा कि किसानों को उपज की बिक्री करने में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया गया है।

शीघ्र ही क्रय केंद्रों का निरीक्षण भी किया जाएगा। किसानों के धान की खरीद प्राथमिकता पर कराई जा रही है।ऑनलाइन व ऑफलाइन टोकन के चक्कर में क्रय केंद्रों पर बिक्री करने के लिए धान लेकर खड़े किसानों की चिंता बढ़ रही है। किसानों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से धान बिक्री करने के लिए क्रय केंद्र पर खड़े रहना पड़ता है।  पहुंच वाले किसान तो 2 से 3 दिन में अपना धान तौलवा ले रहे हैं, लेकिन जिनकी पहुंच नहीं है, वे कई कई हफ्ते तक खड़े हुए हैं। 

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