सम्मान निधि पाने के लिए भटक रहे पात्र किसान

सम्मान निधि पाने के लिए भटक रहे पात्र किसान


अम्बेडकरनगर।
केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने के लिए तमाम पात्र अभी भी भटकने को विवश हैं। किसी ने दो वर्ष से आवेदन कर रखा है तो किसी ने डेढ़ वर्ष से। संबंधित किसानों के खाते में तो राशि नहीं जा रही, लेकिन दूसरे के खाते में राशि चली जा रही है। गड़बड़ी दूर करने के लिए संबंधित किसान लंबे समय से कृषि विभाग कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कदम जिम्मेदारों की ओर से नहीं उठाया जा रहा है। नतीजा यह है कि इसका खामियाजा संबंधित किसानों को भुगतना पड़ रहा है।किसानों को आर्थिक मुश्किलों से बाहर निकालने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का संचालन किया जा रहा है। 

योजना के तहत किसानों के खाते में प्रत्येक वर्ष तीन किस्तों में 6 हजार रुपये भेजे जाने का प्राविधान है। जिले में योजना का बड़े पैमाने पर किसानों को लाभ भी मिल रहा है, लेकिन अभी भी तमाम किसान ऐसे हैं, जिन्होंने आवेदन तो किया है, लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए वे लगातार कृषि भवन कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। सोमवार को गड़बड़ी दूर कराने व योजना का लाभ न मिलने की शिकायत लेकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से किसान कृषि भवन कार्यालय पहुंचे।मुजाहिदपुर के किसान मिश्रीलाल ने बताया कि उन्होंने योजना के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसके खाते में तो राशि नहीं आई, दूसरे के खाते में राशि जा रही है। गड़बड़ी दुरुस्त कराने के लिए वह बीते एक वर्ष से कृषि भवन कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक गड़बड़ी को दूर नहीं किया जा सका है।

रुकुमुद्दीनपुुर निवासी रामजीत ने कहा कि उसे बीते दो वर्ष से योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। गड़बड़ी दूर कराने के लिए कई बार जिम्मेदारों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे उसे अब तक उसे योजना का लाभ नहीं मिल सका है। सुखारीगंज से आए वीरबहादुर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कोई यह भी नहीं बता रहा कि आखिर किस कारणवश उसे योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। वह बीते डेढ़ वर्ष से कार्यालय का चक्कर लगा रहा है। उप कृषि निदेशक बुद्धदेव द्विवेदी ने कहा कि जिन किसानों को आवेदन के बाद भी लाभ नहीं मिल रहा है, उन्हें ई-केवाईसी कराना होगा। यह लगातार बताया जा रहा है। संबंधित मोबाइल नंबर को ही उसमें फीड करना होगा, जिससे मिलने वाली ओटीपी के जरिए आगे की प्रक्रिया अपनाई जा सके।

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