अम्बेडकरनगर : सड़क पर फर्राटा भर रहे है फिटनेस फेल स्कूली वाहन

अम्बेडकरनगर : सड़क पर फर्राटा भर रहे है फिटनेस फेल स्कूली वाहन


अम्बेडकरनगर।
 इस पर सभी को हैरत हो सकता है मगर ये सत्य है कि निजी स्कूलों का प्रबंधन नौनिहालों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। अभिभावकों से ट्रांसपोर्ट के नाम पर मनमाना शुल्क लिया जा रहा हैं मगर फिटनेस फेल वाहनों से छात्र-छात्राओं की ढुलाई किया जा रहा हैं। इसका प्रमाण जिले के परिवहन विभाग में पंजीकृत 42 फीसदी वाहनों का महीनों से फिटनेस फेल होना है।जिले के परिवहन विभाग में कुल 893 स्कूल वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से 63 स्कूलों के 378 वाहनों का फिटनेस कोविड-19 के संकटकाल से ही फेल है। 

परिवहन विभाग की नोटिस के बाद भी 63 स्कूलों के प्रबंधन ने 378 वाहनों का फिटनेस नहीं कराया। परिवहन मंत्रालय ने कोरोना के चलते 31 अक्तूबर तक फिटनेस कराने की छूट दी। फिर भी 378 वाहनों का फिटनेस नहीं हुआ। फिटनेस फेल वाहनों से बच्चों को घर से स्कूल तक ढुलाई किया जाता रहा।फिटनेस फेल वाहनों से स्कूल प्रबंधन नौनिहालों की ढुलाई कर रहे हैं। हालांकि मौके पर विद्यालय बंद है। फिटनेस फेल स्कूली वाहनों के प्रति परिवहन महकमें का रवैया सख्त हो गया है। 63 स्कूलों को नोटिस जारी किया है। 

नोटिस में फिटनेस फेल 378 स्कूली वाहनों का एक सप्ताह के भीतर फिटनेस कराने का अंतिम मौका दिया गया है।एक सप्ताह में फिटनेस न कराने पर होगी कार्रवाई। विभागीय कार्यालय कर्मी द्वारा बताया गया है कि स्कूलों के प्रबंधको को नोटिस जारी कर वाहनों का फिटनेस कराने का अंतिम अवसर दिया गया है। निर्धारित अवधि में फिटनेस न कराने वाले प्रबंधकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

Post a Comment

और नया पुराने