जिले में 15 लाख 84 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष अभी तक 72 केंद्रों पर लक्ष्य का महज 56 फीसद ही खरीद हो सकी है। इसमें 20 हजार किसानों से खरीद की गई है। सभी केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों की लंबी कतार के साथ समय से भुगतान नहीं होने की समस्या सामने है। यहां वर्तमान में 72 केंद्रों पर ही धान की खरीद की जा रही है। किसानों का भुगतान नहीं करने की वजह से पंजीकृत सहकारी समिति (यूपीएसएस) के नौ केंद्रों पर खरीद बंद हो चुकी है। हालांकि किसानों को धीरे-धीरे दूसरे केंद्रों पर शिफ्ट कर दिया गया है।
उधर, सिझौली नवीन मंडी में धान से लदी ट्रालियां सैकड़ों की संख्या में खड़ी हैं। लगातार यहां और ट्रालियां आ भी रही हैं। इसलिए अधिकारियों ने यहां दो से तीन दिन के लिए बाहरी ट्रालियों का प्रवेश बंद कर दिया है। किसानों की समस्या के निदान के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। मोबाइल नंबर 7839565053 पर काल कर जानकारी की जा सकती है, लेकिन किसानों के लिए यह भी मात्र दिखावा ही साबित हो रहा है। जिला खाद्य विपणन महकमे के अधिकारी द्वारा बताया गया है कि यूपीएसएस संस्था पर काफी बकाया है, इसलिए शासन स्तर से खरीद बंद कर दी गई है।