देश के प्रधानमंत्री भ्रष्टाचारियों पर नकेल लगाने की पूरी तरह से कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों के द्वारा अपने मनचाहे ठेकेदारों को सड़क और नाली निर्माण का टेंडर देते हैं और यह ठेकेदार सड़क और नाली निर्माण में भ्रष्टाचार की ईट लगाने से बाज नहीं आते। नगर पंचायत किछौछा में निर्माण कार्य में पीली ईंट का प्रयोग किया जा रहा है। विकास के नाम पर इस भ्रष्टाचार के खेल में अधिकारी भी मौन बैठे हैं। किन्तु विकास के नाम पर नगर पंचायत में कुछ नया नहीं हुआ।
नगर पंचायत की उदासीनता के चलते किछौछा को उचित
विकास की डगर नहीं मिल पा रही है। इंटरलॉकिंग सड़क के निर्माण का कार्य को लेकर
लोगों द्वारा कहा गया कि मानकों के अनुरूप
कार्य किया जाए,
लेकिन ठेकेदार
सुनता नहीं है। क्षेत्र पंचायत के लोगों ने यह भी बताया कि ठेकेदार से कहने पर कहा
जाता है कि अगर दो पैसे मुझे नहीं मिलेंगे तो मैं अपने बच्चों को कैसे पालूंगा और
सारी सामग्री मानकों के अनुरूप लगा दूँगा तो मुझे सड़क पर आना पड़ेगा। नीचे से
लेकर ऊपर तक सभी को कमीशन देना पड़ता है।
जब इस भ्रष्टाचार की भनक मीडिया को लगी तो मीडिया कर्मी द्वारा जाकर स्थल पर देखा गया तो सही निकला। तो होना क्या था ठेकेदार भी कम नहीं वह मीडिया कर्मी को ही धमकी दे डाला। यह बात मीडिया कर्मी द्वारा बताई गई। खबर संप्रेषण होने पर भी प्रशासन मूकदर्शक बन बैठा है आखिर क्या कारण है? क्या नगर पंचायत के लोगों द्वारा लगाया गया आरोप सही है। सोशल मीडिया पर एक पोर्टल चैनल में खबर प्रकाशित होने के बाद भी आखिर नगर पंचायत के अधिकारी शांत क्यों बैठे हैं।