अम्बेडकरनगर में सपा ने बसपा के बागियों पर जताया विश्वास, बनाया अपना उम्मीदवार

अम्बेडकरनगर में सपा ने बसपा के बागियों पर जताया विश्वास, बनाया अपना उम्मीदवार


अम्बेडकरनगर।
जिले में समाजवादी पार्टी ने जिले की 4 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्यशियों की घोषणा कर दी। सपा इन सभी सीटों पर बीएसपी से आए दल-बदलुओं को अपना उम्मीदवार चुना है। इसमें अकबरपुर से रामअचल राजभर, कटेहरी से लालजी वर्मा, जलालपुर से राकेश पांडेय और आलापुर से त्रिभुवन दत्त को सपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है।

पूर्व मंत्री राममूर्ति की जगह राम अचल को टिकट

सपा ने अकबरपुर से रामअचल राजभर को अपना प्रत्याशी बनाया है। रामअचल राजभर अकबरपुर से वर्तमान में विधायक हैं। वह 3 बार बसपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उनकी गिनती बसपा के कद्दावर नेताओ में होती थी, लेकिन पंचायत चुनाव के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। जिसके बाद वह सपा में शामिल हो गए थे। इस सीट से सपा ने अपने कद्दावर पूर्व कैबिनेट मंत्री राममूर्ति वर्मा को दरकिनार करते हुए बीएसपी से आए रामअचल को टिकट दिया है।

कटेहरी से लालजी वर्मा को टिकट

कटेहरी से सपा ने पूर्व मंत्री व वर्तमान कटेहरी के विधायक लालजी वर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है। यहां से टिकट मांग रहे सपा के कद्दावर नेता व पूर्व मंत्री शंखलाल मांझी, पूर्व विधायक जयशंकर पांडेय को पार्टी ने लॉलीपॉप थमा दिया। लालजी वर्मा की गिनती बसपा के बड़े नेताओं में होती थी। वह बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं और 3 बार मायावती की कैबिनेट में मंत्री थे।

इन्हें पंचायत चुनाव के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी से निकाल दिया था। जिसके बाद वह सपा में शामिल हो गए थे। यहां सपा ने अपने पुराने साथी पार्टी के पूर्व विधायक जयशंकर पांडेय व पूर्व कैबिनेट मंत्री शंखलाल मांझी को टिकट नहीं दिया।

जलालपुर से बीएसपी सांसद रितेश पांडेय के पिता राकेश पांडेय को मिला टिकट

जलालपुर से सपा ने पूर्व सांसद राकेश पांडेय को अपना प्रत्याशी बनाया है। राकेश पांडेय बसपा सांसद रीतेश पांडेय के पिता हैं। सपा के टिकट पर राकेश पांडे पूर्व में विधायक रह चुके हैं। 2002 में सपा से जलालपुर से चुनाव लड़े और जीत कर पहली बार विधायक चुने गए, लेकिन 2007 के विधानसभा चुनाव में वह हार गए और 2009 में सपा छोड़ बसपा में चले गए। बसपा ने उन्हें 2009 का लोकसभा का चुनाव लड़ाया और वह सांसद बन गए, लेकिन 2014 लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

आलापुर से पूर्व सांसद त्रिभुवन दत्त को दिया मौका

आलापुर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी ने पूर्व सांसद त्रिभुवन दत्त को अपना प्रत्याशी बनाया है। त्रिभुवन दत्त बीएसपी छोड़कर सपा में आए थे। ये विधानसभा क्षेत्र के इसौरी नसीरपुर गांव के निवासी हैं। सपा नेता दत्त 2007 में बसपा के टिकट पर जहांगीरगंज वर्तमान में आलापुर सुरक्षित सीट से विधायक रह चुके हैं। त्रिभुवन दत्त अकबरपुर सुरक्षित सीट से एक बार सांसद भी चुने गए थे। अभी हाल ही में पंचायत चुनाव से पूर्व बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुए थे।

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