अंबेडकरनगर । कटेहरी विधानसभा क्षेत्र की मुख्य बाजार को उजड़ने से बचाने के लिए करोड़ों की लागत से प्रस्तावित बाइपास का निर्माण चुनाव आचार संहिता के चलते लटक गया है। महीनेभर पहले इसकी घोषणा के बावजूद शासन से निर्माण के लिए बजट जारी नहीं हो सका। वहीं, अयोध्या-बसखारी मार्ग का चौड़ीकरण जारी है। ऐसे में कटेहरी बाजार का अस्तित्व समाप्त होने की आशंका बाजारवासियों को परेशान किए है।
सड़क के मध्य बिदु से दोनों तरफ 80-80 मीटर भूमि लोक निर्माण विभाग द्वारा अधिग्रहित की जा रही है, इससे कटेहरी बाजार में तोड़फोड़ का खतरा बढ़ गया है। बाजार का अस्तित्व बचाने के लिए यहां के लोग एक वर्ष से बाइपास की मांग कर रहे थे।करीब माहभर पहले कटेहरी बाजार में एक जनसभा में आए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यहां 101.10 करोड़ रुपये की लागत से बाइपास बनवाने की घोषणा की थी। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तत्काल सर्वे कर प्रस्ताव शासन भेजने का निर्देश दिया था।
विभाग ने सर्वे कर भेजे प्रस्ताव में इसके निर्माण के लिए किसानों की 16.5 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित करने की आवश्यकता बताई है। इसकी लंबाई 3.90 किलोमीटर तथा चौड़ाई 37 मीटर निर्धारित की गई है। प्रशासन ने किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने का मसौदा भी तैयार कर लिया था। साथ ही कटघरवा गांव के पास दरवन नाले पर पक्के पुल के निर्माण के लिए सेतु निगम से प्रस्ताव शासन ने मंगा लिया था। इन तैयारियों के बीच लागू चुनाव आचार संहिता से बाइपास का निर्माण अधर में पड़ गया है।