अम्बेडकरनगर। अम्बेडकरनगर की टाण्डा विधानसभा सीट से सपा के पूर्व मंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन के बेटे हामिद हसन चुनाव लड़ सकते हैं। सूत्रों की मानें तो हामिद को लड़ाए जाने की पूरी स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी है। जल्द ही औपचारिक घोषणा की जा सकती है।
हामिद हसन पिछले कुछ सालों से टाण्डा विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हैं। अहमद हसन अब अपने बेटे को राजनीति में लाकर सेफ करना चाहते हैं। पूर्व विधायक अजीमुल हक पहलवान के निधन के बाद सपा ऐसे नेता पर दांव लगाना चाहती है जिसका मुस्लिमों के साथ अन्य वर्गों में भी पकड़ हो। इसमें हामिद हसन फिट बैठते हैं।
अखिलेश के करीबी हैं अहमद हसन
आईपीएस से नेता बने अहमद हसन की पहचान ईमानदार नेता के तौर पर होती है।यही वह वजह है कि पहले वह सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के खास हुआ करते थे और अब अखिलेश के खास लोगो में उनकी पहचान है। मुलायम सिंह यादव जब मुख्यमंत्री बने तो अहमद हसन उनके कैबिनेट में मंत्री बने।वही जब अखिलेश यादव मुख्यमत्री बने तो अहमद हसन उनके साथ भी कैबिनेट मंत्री बने। अहमद हसन सपा के लिए कितने खास है यह इस बात से पता चलता है कि जब से वह आईपीएस की नौकरी से नेता बने है तभी से समाजवादी पार्टी की तरफ से विधान परिषद में या तो नेता सदन रहते है या नेता प्रतिपक्ष रहते है।
टाण्डा से चुनाव की तैयारी कर रहे हैं हामिद
टाण्डा विधानसभा में मुसलमानों वोटरों की संख्या अच्छी है। अहमद हसन का मुस्लिमों में अच्छी पकड़ है। यही कारण है कि अहमद हसन अपने पुत्र हामिद हसन को टाण्डा से चुनाव लड़ाकर विधानसभा मे भेजना चाहते है।2017 विधानसभा चुनाव के बाद से हामिद हसन टांडा क्षेत्र में सक्रिय है। वह लोगो दुख सुख में शामिल होते रहे है।सपा इस बार ऐसे मुस्लिम चेहरे पर दांव खेलना चाहती है। जिसके नाम पर धुर्वीकरण न हो जो मुस्लिमों के साथ ही हिदुओ में भी पकड़ रखता हो।
2017 में खिला था कमल
टाण्डा विधानसभा में सपा बसपा भाजपा तीनो पार्टियों ने जीत दर्ज किया है। 2007 में इस सीट पर बसपा से लालजी वर्मा चुनाव जीते तो 2012 में सपा से अजीमुल हक पहलवान विजयी हुए।वही 2017 के विधानसभा चुनाव में यहां भाजपा की संजू देवी चुनाव जीती। -व्हाट्सएप खबर