अम्बेडकरनगर : 29 साल से बंद पड़ी अकबरपुर से टाण्डा तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेन

अम्बेडकरनगर : 29 साल से बंद पड़ी अकबरपुर से टाण्डा तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेन

चुनाव में लोगों ने बनाया मुद्दा

अम्बेडकरनगर। जिले के अकबरपुर से बुनकर नगरी टाण्डा तक बंद हुई पैसेंजर ट्रेन का परिचालन सेवा को एक बार फिर शुरू करने की मांग आम जनमानस के द्वारा की जा रही है। विधानसभा चुनाव में ट्रेन संचालन को मुद्दा भी बनाया जा रहा है। लोगों का कहना है, वर्षों से बंद पड़ी पैसेंजर रेल सेवा अगर शुरू हो जाती तो आने-जाने में बहुत सुविधा होगी। साथ ही बुनकर नगरी टाण्डा में बने कपड़े बुनकरों को दूसरी जगह भेजने में सुविधा होगी। साथ ही इससे टाण्डा शहर का विकास होता।

टाण्डा में कपड़े का बड़ा व्यवसाय होता है और टाण्डा नगर की पहचान औद्योगिक नगरी के रूप में होती थी। यहां के कपड़े देश के अनेक प्रांतों के साथ ही विदेश में भी जाते हैं। यही वजह थी कि सरकार ने अकबरपुर से टाण्डा तक जाने के लिए 17
किमी रेल मार्ग की सुविधा 1962 में शुरू की थी, लेकिन 10 फरवरी 1993 को रेलवे ने अकबरपुर से टाण्डा को जाने वाली पैसेंजर ट्रेन सेवा को बंद कर दी।

ट्रेन सेवा के बंद हो जाने से सबसे ज्यादा यहां के कपड़ा उद्योग पर फर्क पड़ा और लोगों को आवागमन में दिक्कतें होने लगी। इसके साथ यहां का बना कपड़ा जो आसानी से दूसरे प्रांतों को जाता था। पैसेंजर ट्रेन सेवा बंद होने से ट्रांसपोर्ट की असुविधा होने लगी, जिसके चलते टाण्डा शहर के विकास का पहिया भी बाधित हुआ।

29 साल से बंद पड़ी पैसेंजर ट्रेन सेवा को चालू करने की मांग आम जनमानस द्वारा कई बार की गई, लेकिन ट्रेन सेवा शुरू नहीं हो सकी। लोगों का कहना है कि पैसेंजर ट्रेन चालू हो जाने से टाण्डा के साथ ही बस्ती आने-जाने की सुविधा हो जाती। वहीं टाण्डा में बने कपड़े दूर-दराज तक जाने का अच्छा ट्रांसपोर्ट साधन हो जाता। ट्रेन सेवा बंद हो जाने के बाद से टाण्डा शहर का विकास भी अवरुद्ध हुआ है।

समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष डॉ. अभिषेक सिंह ने कहा, टाण्डा बुनकर नगरी है। यहां के बने कपड़े देश के कोने-कोने तक जाते हैं। पैसेंजर ट्रेन चालू हो जाने से ट्रासपोर्ट की सुविधा अच्छी हो जाती और लोगों को आने-जाने में भी आसानी होती, जिससे टाण्डा का विकास होता है। यहां के लोगों की मांग को देखते हुए सरकार को पैसेंजर ट्रेन सुविधा फिर चालू करने चाहिए।

स्थानीय निवासी मयंक सिंह कहते हैं, पैसेंजर ट्रेन चालू होने से लोगों को आसानी होती। तफशीर कहते हैं, टाण्डा जाने के लिए ट्रेन सुविधा अच्छी थी। टाण्डा में कपड़ा का बड़ा व्यवसाय होता है। इसे ध्यान में रखकर दोबारा चालू करना चाहिए। कमलेश श्रीवास्तव कहते हैं, टाण्डा तक ट्रेन सुविधा चालू होने से आने-जाने में सुविधा होगी। इसके चलते बुनकर नगरी का विकास होगा।


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