अम्बेडकरनगर। टिकट वितरण को लेकर अब चौंकाने की बारी भारतीय जनता पार्टी की है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो महिला विधायकों में से एक का टिकट कटना तय है। जिनका टिकट काटे जाने का निर्णय शीर्ष स्तर पर हुआ है, उनके ही एक परिजन व एक अन्य प्रबल दावेदार के बीच दावेदारी को लेकर मामला लटका हुआ है। तलवार दूसरी महिला विधायक के टिकट पर भी है, लेकिन उनके व प्रतिनिधि द्वारा किए गए कार्यों तथा कार्यकर्ताओं पर पकड़ के चलते टिकट काटना इतना आसान नहीं लगता। भाजपा के लिए अकबरपुर में भी टिकट की घोषणा होना शेष है। माना जा रहा कि पार्टी यहां एक महिला नेता पर दांव लगा सकती है। कुल मिलाकर नामांकन से पहले टिकटों की जंग रोचक दौर में पहुंच गई है।
बसपा व सपा ने सभी पांच प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं तो वहीं भाजपा ने गठबंधन दल निषाद पार्टी के साथ मिलकर दो सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। पार्टी को अब टांडा, अकबरपुर व आलापुर में प्रत्याशियों की घोषणा करनी है। इन तीनों सीटों पर प्रत्याशी की घोषणा करना पार्टी के लिए चुनौती बना हुआ है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब सपा व बसपा ने सभी कैंडीडेट उतार दिए हैं और कांग्रेस ने भी चार प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है तो भी बीजेपी को अभी तीन सीटों पर टिकट तय करना बाकी है। तीन सीटों में से टांडा में बीते चुनाव में बीजेपी से संजू देवी जीती थीं तो आलापुर में बीजेपी से ही अनीता कमल को जीत मिली थी।
यह दोनों ही इस बार भी टिकट की प्रबल दावेदार हैं। सूत्रों के अनुसार जिस महिला विधायक का टिकट कटना लगभग तय हो गया है। वहां उनके ही परिवार के एक सदस्य तथा एक प्रत्याशी के बीच टिकट की जंग चल रही है। पार्टी इन्हीं दोनों में से किसी एक को टिकट थमा सकती है। महिला विधायक का टिकट इसलिए काटे जाने का निर्णय हुआ है क्योंकि उनसे कार्यकर्ता खासे नाराज हैं। उधर दूसरी महिला विधायक का टिकट काटे जाने को लेकर पेच फंसा है। यहां भी एक प्रबल दावेदार की तरफ से दमदार पैरवी पार्टी में चल रही है। हालांकि कोरोना काल में विधायक व उनके प्रतिनिधि द्वारा किए गए कार्यों तथा संगठन के कार्यकर्ताओं पर मजबूत पकड़ के चलते टिकट काटने की स्थिति आसानी से नहीं बन पा रही।