अम्बेडकरनगर। फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने डीएम को पत्र भेजकर आर्थिक एवं मानसिक शोषण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कोटेदारों को छह माह का लाभांश नहीं मिल पा रहा है। इससे कोटेदार आर्थिक रूप से परेशान हैं। वहीं कई कार्यों को लेकर विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की ओर से भी शोषण किया जा रहा है। इस तरह की कार्यशैली को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोटेदारों का कहना है कि जब तक इन समस्याओं का निस्तारण नहीं हो जाएगा, तब तक वे राशन की उठान नहीं करेंगे।
विभिन्न समस्याओं को लेकर मंगलवार को कोटेदारों ने डीएम को
संबोधित पत्र भेजा। इसमें कोटेदारों ने बताया कि सरकार की ओर से माह में दो बार
निशुल्क राशन का वितरण कराया जा रहा है। इसका वितरण भी कोटेदारों द्वारा पूरी
पारदर्शिता के साथ पात्रों को किया जा रहा है। इसके बावजूद छह माह का लाभांश उनका
नहीं दिया गया। इससे कोटेदारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कोटेदारों
ने आरोप लगाया कि कार्य के नाम पर पूर्ति निरीक्षकों की ओर से शोषण किया जा रहा
है।
बताया कि जिले के सभी पूर्ति निरीक्षकों द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है।
मनमाने निर्देश न मानने पर गोदाम प्रभारी की ओर से राशन का उठान रोक दिया जाता
है। यह भी आरोप लगाया कि गोदाम पर डोर स्टेप ठेकेदार की ओर से वाहन नहीं दिया जा
रहा है, जिससे
राशन समय से निर्गत नहीं हो पा रहा है। कोटेदारों का आरोप है कि राशन प्रमाणपत्र
के नाम पर फ्री वितरण में पूर्व की भांति 35 रुपये क्विंटल लिए जा रहे
हैं। यदि इसे समय से नहीं दिया जाता है तो उठान पर रोक लगा दी जाती है।
यह भी बताया कि पैसा देने में यदि देरी हो जाती है तो
संबंधित की दुकान की जांच करने, सस्पेंड व निरस्त जैसी
कार्रवाई करने की धमकी दी जाती है। कोटेदारों का कहना है कि जब तक इन समस्याओं का
निस्तारण नहीं हो जाएगा, तब तक
वे राशन की उठान नहीं करेंगे। इस मौके पर आसाराम यादव, महेंद्र
यादव, राम
मूरत, विनोद
कुमार सिंह, सुरेश
कुमार, जीत
बहादुर आदि मौजूद रहे।