अम्बेडकरनगर। बिजली विभाग मैन पावर की कमी से जूझ रहा है। यहां अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक की कमी है। कम कर्मचारियों की वजह लोड ज्यादा पड़ता है। वहीं उपभोक्ताओं का भी काम समय से नहीं होता है। जिससे उपभोक्ता परेशान होते हैं। हालांकि बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है, खाली पदों को भरने के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है।
जिले में कुल 40 बिजली घर हैं, जिसमें 3 लाख से ज्यादा उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को समय और रोस्टर के मुताबिक बिजली देने की जिम्मेदारी विद्युत वितरण खण्ड के कर्मचारियो की है, लेकिन कर्मचारियों के न होने से उपभोक्ताओं को जहां रोस्टर के हिसाब से बिजली नहीं मिल पाती है तो वहीं अपने काम के लिए आए लोगों को महीनों झेलना पड़ता है। उपभोक्ता विजय भान ने बताया, स्टाफ की कमी की वजह से काम में देरी होती है। एक-एक जेई के पास 4 से 5 बिजली घर की जिम्मेदारी होने से वह भी अपना काम समय से नहीं कर पाते हैं।
जिले की विद्युत व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिले में 19 सहायक अभियंता और 49 अवर अभियंता के पद सृजित हैं, लेकिन वर्तमान समय में महज 13 सहायक अभियंता और 22 अवर अभियंता की ही तैनाती की गई। जबकि 6 पद सहायक अभियंता के और 27 पद अवर अभियंता के खाली हैं। इन पदों के खाली होने के कारण जहां अधिकारियों पर ज्यादा जिम्मेदारी होती है तो वहीं उपभोक्ताओं के काम भी समय से नहीं होते हैं।
बिजली विभाग में फाल्ट लाइन को दुरुस्त करने और सप्लाई की जिनकी जिम्मेदारी होती है, विभाग में उनकी भारी कमी है। बिजली विभाग में लाइन मैन के 123 पद सृजित हैं, लेकिन मात्र 21 पदों पर ही लाइन मैन की नियुक्ति हो पाई है। जबकि 102 पद खाली हैं। वहीं मीटर टेस्टिंग कर्मचारी के 27 पद सृजित हैं, लेकिन केवल 8 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जबकि 19 पद खाली हैं। इन कर्मचारियों के न होने से उपभोक्ताओं के फाल्ट ठीक होने में हफ्तों लग जाता है।