अम्बेडकरनगर। जिले का नवीन सब्जी मंडी एक ऐसी पहेली है, जिसे आज तक कोई समझ नहीं पाया कि ये वैध है या फिर अवैध, ये मंडी की सड़क की पटरी पर दशक से लग रही अवैध दुकानें है, लंबी चौड़ी सड़क मंडी में आने-जाने वालों की सुविधा के लिए बनाई गई है, अवैध रूप से लग रही दुकानों से उत्पन्न हो रही समस्याओं को लेकर मंडी सचिव तनिक भी गंभीर नहीं है दूसरी तरफ सब्जी दुकानदारों से की जी रही वसूली यह कुछ दुकानदारों द्वारा नाम न छापने की शर्त पर बताया गया, अतिक्रमण को मौन समर्थन दे रही है. इससे परेशान हर कोई है
नवीन सब्जी मंडी में सड़क के दोनों ओर दुकानदारों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इसकी वजह से यहां आने वाले लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।सब्जी खरीदने आए ग्राहकों का कहना है कि इस पूरी मंडी में अधिकतर दुकानदारों ने अपनी दुकानें अवैध रूप से लगा रखी हैं। इसकी वजह से सुबह यहां रोज मंडी में जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। कई बार तो इस मंडी से निकलने में लोगों को आधा घंटा लग जाता है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में सबसे ज्यादा लोगों को खरीदारी करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
फुटपाथ पर रोजाना लगभग 250-300 सब्जी की दुकानें लगती हैं। स्थानीय दबंगों का यह रुतबा है कि मंडी सचिव भी कार्यवाही से कतराते हैं।इस मंडी से जिले के अन्य क्षेत्रों में सब्जियों को सप्लाई होती है। लगने वाली इस मंडी में सैकड़ों ग्रामीण किसान अपनी उपज बेचने आते हैं। नवीन सब्जी मंडी के उच्च अधिकारी खुद अतिक्रमण को बढ़ावा दे रहे है। अवैध रूप से दुकान लगाने वालों से वसूली कर कहीं न कहीं किए गए अतिक्रमण को बढ़ावा ही दिया जा रहा है।