अम्बेडकरनगर। सिविल कोर्ट व हाईकोर्ट के आदेशों को दरकिनार करते हुए सैकड़ों वर्ष पुराने हकीम क्लब खेल मैदान को तहसीलदार टाण्डा ने भूमाफियाओं के पक्ष में दाखिल खारिज कर दिया।
मामले में हो रही जांच में तहसीलदार टाण्डा वंशराजराम द्वारा जांच अधिकारी अपर जिलाधिकारी को भेजी गई आख्या से असंतुष्ट होने पर अपर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी टाण्डा दीपक वर्मा से पत्रावली का अवलोकन कर विस्तृत आख्या तलब की है।
उपजिलाधिकारी ने पत्रावली को अपने कब्जे में लेकर पत्रावली का निरीक्षण शुरू कर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तहसीलदार द्वारा दिए गए निर्णय को लेकर जिलाधिकारी ने भी पत्रावली को तलब कर देखा है। अब उन्हें उप जिलाधिकारी की रिपोर्ट का इन्तजार है। जिससे तहसीलदार टाण्डा पर गाज गिरने की चर्चा तहसील परिसर में जोरों पर चल रही है।
ज्ञात हो कि उक्त मामले की खबर बीते तीस मई को प्रकाशित होने पर जिलाधिकार सैम्युल पॉल एन ने संज्ञान लेकर अपर जिलाधिकारी अशोक कन्नौजिया को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जिसपर अपर जिलाधिकारी ने प्रकरण को गंभीर प्रकार का मानते हुए प्रस्तरवार आख्या तहसीलदार टाण्डा से तलब की थी।
तहसीलदार ने प्रस्तरवार आख्या अपने को बचाते हुए गोल मटोल कर भेजी जिससे अपर जिलाधिकारी संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने तहसीलदार की आख्या की प्रति को उपजिलाधिकारी टाण्डा को पत्र भेजकर विस्तृत आख्या तलब की है।
जांच की मॉनिटरिंग जिलाधिकारी स्वयं कर रहे है। उक्त मामला टाण्डा में तूल पकड़ चुका है।इस संबंध में हकीम क्लब के महामंत्री ने तहसीलदार टाण्डा पर घोर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अध्यक्ष राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश सहित जिलाधिकारी को शिकायत भेज कर कडी कार्यवाही करने की मांग की थी।
ज्ञात हो कि जनपद अम्बेडकर नगर के तहसील टाण्डा अंतर्गत नगर क्षेत्र से सटे ग्राम सभा चिंतौरा में स्थित लगभग चार बीघे भूमि है जो वर्ष 1920 से खेल मैदान हकीम क्लब ग्राउंड के रूप में प्रयोग होती रही और श्रेणी 6(2) के रूप में खेल मैदान दर्ज किया है। उक्त खेल मैदान पर बराबर फुटबॉल मैच व हॉकी मैच क्रिकेट मैच होते चले आ रहे हैं।
