अम्बेडकरनगर। पुलिस ने इत्तेहादुल मुस्लमीन के पूर्व प्रदेश सचिव इरफान पठान को आज न्यायालय में पेश किया गया, जहां उसे जेल भेज दिया गया। इरफान पर आराेप है कि वह बीते 10 जून को टाण्डा की दरगाह हजरत हक्कानी शाह के सामने भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन व बवाल का मास्टरमाइंड है।
कोतवाल टांडा ने बताया कि बीते 30 जून को जिला मजिस्ट्रेट ने उसे जिला बदर किया था। उसके बाद भी वह टाण्डा में ही रह रहा था। हमने इरफान की गिरफ्तारी गुंडा एक्ट की धारा 10 के तहत किया है।वहीं पर तलवापार की घटना में थाना अलीगंज में दर्ज मुकदमे में विवेचक ने अलग से रिमांड लिया। बीते 10 जून को जुमे की नमाज सम्पन्न होने के लगभग डेढ़ घण्टे बाद एकाएक नवयुवकों की भीड़ तलवापार में इकट्ठा होकर नारेबाजी करने लगी, जिसे पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। जिसमें कुछ युवकों ने पत्थर बाजी कर दी।
पुलिस द्वारा लाठी चार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया गया। मामले में 41 लोग पहले से जेल में निरुद्ध हैं। इस मामले में जांच के दौरान यह पाया गया कि घटना की साजिश इरफान पठान ने ही रची थी और प्रशासन को भी गुमराह करता रहा, क्योंकि पुलिस के अधिकारी सीओ टाण्डा संतोष कुमार व निवर्तमान कोतवाल विजेन्द्र शर्मा द्वारा इरफान पठान को ही बवाल शांत कराने हेतु बुलाया गया और उसके मौके से जाने के बाद ही पत्थरबाजी की घटना हुई। इसमें इरफान पठान का खास मोहम्मद फराज बवाल का नेतृत्व कर रहा था।
