जानकारी के अनुसार, हंसवर थाना क्षेत्र के नरकटा बैरागीपुर निवासी संदीप यादव (25) पुत्र राम सूरत पेशे से बस चालक था। बीते 19 जुलाई की शाम को संदीप थोड़ी देर में आने की बात कहकर घर से निकला था। बीते 20 जुलाई को तड़के सुबह हरसम्हार बाग में शव मिलने की जानकारी हुई तो सूचना पर तत्कालीन थानाध्यक्ष अभय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच कर देखा तो संदीप का शव खून से सना हुआ पड़ा था।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा मृतक के भाई के नामजद प्रार्थना पत्र पर पुलिस ने अब्दुल्ला पुत्र हाजी कुद्दुस व राजेश गुप्ता पुत्र संतराम गुप्ता के खिलाफ हत्या के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कर हंसवर पुलिस व स्वाट टीम ने हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में लगी थी। इस दौरान हंसवर पुलिस ने नामजद आरोपी अब्दुल्ला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया लेकिन जांच के दौरान कॉल डिटेल सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर चौंकाने वाली घटना सामने आई।
एसपी ने बताया कि मृतक संदीप यादव के सगे भाई दिलीप यादव उर्फ गोलू ने अब्दुल्ला व राजेश गुप्ता को फर्जी मुकदमे में फंसाकर पैसा ऐंठने व भाई की संपत्ति हथियाने के लिए ही अन्य दो सहयोगी मोहम्मद असलम पुत्र रहमतुल्ला व सनी उर्फ आर्यन यादव पुत्र बाबूराम यादव के सहयोग से हत्या कर आसानी से फरार हो गए थे।
प्रकाश में आए हत्यारोपियों को इंस्पेक्टर जेपी सिंह, समेत अन्य पुलिसकर्मी और स्वाट टीम से कांस्टेबल उमेश यादव समेत अन्य पुलिसकर्मी ने तीनों हत्यारोपियों को गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर हीरापुर से गिरफ्तार कर लिया।
कड़ाई से पूछताछ के दौरान दिलीप यादव उर्फ गोलू ने अपने भाई संदीप यादव से किसी महिला मित्र व संपत्ति के विवाद को लेकर हत्या करने की बात कबूल की। हत्यारोपी दिलीप ने बताया कि बीते 19 जुलाई की शाम को अन्य आरोपी मो. असलम व सनी उर्फ आर्यन यादव के साथ हरसम्हार बाग में ले जाकर पहले संदीप यादव को चाट में नींद की दवा मिलाकर खिलाया तथा शराब पिलाया।
मौका मिलते ही तीनों आरोपियों ने मिलकर चाकू से संदीप यादव की गला रेत कर हत्या कर दिया। घटना से थोड़ी दूरी पर ही हत्यारोपियों ने आलाकत्ल चाकू फेंक कर फरार हो गए थे। दिलीप यादव का अब्दुल्ला से मुकदमा चल रहा था और राजेश गुप्ता का संदीप यादव से पहले झगड़ा हुआ था। दिलीप ने अपने आप को बचाने तथा पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए अब्दुल्ला व राजेश के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करवा दिया।
