यह एक मिसाल है कि दोनों सदन में फिर से चुने जाने से पहले छह महीने तक मंत्री के रूप में बने रह सकते हैं। इसको लेकर उन्हें फिर से मंत्री पद की शपथ लेनी होगी। हाल ही में राज्यसभा चुनावों में भाजपा ने नकवी को टिकट नहीं दिया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के दो कैबिनेट मंत्रियों ने गुरुवार को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। आज हुई कैबिनेट मीटिंग के बाद दोनों मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह का राज्यसभा का कार्यकाल गुरुवार को खत्म हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई मौजूदा मंत्री संसद के दोनों सदनों से बाहर हुए हैं।
हालांकि, इन चुनावों में पार्टी ने नकवी को राज्यसभा का टिकट नहीं दिया था। आरसीपी सिंह, जो बिहार में एक सहयोगी पार्टी जद (यू) से आते हैं। इन्होंने एक साल पहले 7 जुलाई, 2021 को मोदी सरकार में मंत्री के रूप में शपथ ली थी। हालांकि, हाल ही में राज्यसभा टिकटों की घोषणा में नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए आरसीपी सिंह के चुनाव से इनकार किया था।
बता दें कि अभी हाल ही में त्रिपुरा विधानसभा के लिए चुने गए माणिक साहा के इस्तीफे के बाद त्रिपुरा से एक राज्यसभा सीट खाली हो गई है। इसके अलावा, कोई भी राज्यसभा सीट नहीं है जो अगले कुछ महीनों में खाली होने वाली है।
मुख्तार अब्बास नकवी 2010 से 2016 तक यूपी से राज्यसभा सदस्य रहे थे। 2016 में वे झारखंड से राज्यसभा भेजे गए थे। नकवी पहली बार 1998 में लोकसभा का चुनाव जीते और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में सूचना और प्रसारण मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाए गए थे। उसके बाद 26 मई 2014 में मोदी सरकार में अल्पसंख्यक मामलों और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री बने। इसके बाद नवकी 30 मई 2019 को मोदी कैबिनेट में शामिल हुए और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री बनाए गए थे।
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